
Former Cricketers Letter To Pakistan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की स्थिति को लेकर एक बार फिर पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेटर्स के एक समूह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को चिट्ठी लिखी है. पत्र में भारत के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी कपिल देव और सुनील गावस्कर के हस्ताक्षर भी हैं. इसमें शहबाज शरीफ से अपील की गई है कि वे पूर्व पाकिस्तानी कप्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान को सही मेडिकल ट्रीटमेंट दें.
इमरान खान की हेल्थ को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह चिट्ठी सामने आई है. वहीं, यह पत्र उन खबरों के बीच आया है, जिनमें कहा गया है कि खान को लेकर अदालत की ओर से निर्देशित मेडिकल जांच में बाधा डाली गई और उसका पालन नहीं किया गया. पूर्व पाकिस्तानी कप्तान इमरान खान ने साल 1992 में अपने मुल्क को पहला विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी. वह 3 साल से भी ज्यादा समय से हिरासत में हैं.
21 क्रिकेटर्स ने किए हस्ताक्षर
इससे पहले भी 14 पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेटर्स ने इमरान खाने के लिए सही मेडिकल चेकअप की मांग करते हुए पाकिस्तानी सरकार को पत्र लिखा था. इसके 6 महीने बाद अब 7 और पूर्व कप्तान इस अपील में शामिल हो गए हैं, जिससे अब चिट्ठी में कुल 21 क्रिकेटर्स के हस्ताक्षर हो चुके हैं. कप्तानों ने जोर दिया कि उनका हस्तक्षेप इंटरनेशनल क्रिकेट के जरिए 73 साल के इमरान खान के साथ उनके शेयर्ड कनेक्शन से जुड़ा है.
‘खान को उचित मेडिकल इलाज मिले…’
चिट्ठी में कप्तानों ने लिखा,’ आदरणीय प्रधानमंत्री जी, 6 महीने पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 14 पूर्व कप्तानों ने आपको और पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखकर इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा देने की अपील की थी. तब हमने राजनेताओं के तौर पर नहीं, बल्कि पूर्व साथियों और प्रतिद्वंद्वियों के तौर पर लिखा था, जिनके बीच क्रिकेट के मैदान पर बना एक ऐसा रिश्ता है, जो देशों को अक्सर बांटने वाली सीमाओं और विवादों से कहीं ऊपर है. अब हम 7 और पूर्व कप्तानों के साथ मिलकर फिर से लिख रहे हैं, क्योंकि हाल ही में जो कुछ हुआ है, उसके चलते ऐसा करना जरूरी हो गया है.’
‘कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया गया…’
शहबाज शरीफ को लिखे गए इस पत्र में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया गया, जिसमें खान को अस्पताल में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया था, ताकि एक मेडिकल बोर्ड की ओर से उनकी जांच की जा सके, जिसमें उनके प्राइवेट डॉक्टर और उनकी बहन डॉक्टर उजमा खान शामिल हों. अदालत ने परिवार के सदस्यों को उनसे साप्ताहिक मुलाकात करने की अनुमति भी बहाल कर दी थी. पत्र में इसे स्वागत योग्य कदम बताया गया.


पूर्व क्रिकेटरों ने चिट्ठी में आगे लिखा,’ चिंताजनक बात यह है कि इमरान खान को अस्पताल में केवल कुछ घंटों के लिए ही रखा गया. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। कोर्ट की ओर से निर्देशित बोर्ड के बदले राज्य की ओर से नियुक्त एक टीम ने उनकी जांच की, उन्हें मेडिकली हेल्दी घोषित किया गया और बोर्ड की ओर से अपना काम पूरा करने से पहले ही उन्हें अडियाला जेल वापस भेज दिया गया. उनके परिवार और कानूनी टीम का कहना है कि यह कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है.’
पूर्व कप्तानों की 3 मांगें
पूर्व कप्तानों ने अपनी अपील में 3 मांगें भी रखीं, जिसमें पहली ये थी कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड को खान के हेल्थ का पूरा और स्वतंत्र मूल्यांकन करने की अनुमति दी जाए, जिसमें उनकी दाहिनी आंख की दृष्टि में कथित कमी से संबंधित चिंताएं भी शामिल हों. दूसरी ये की अदलात की ओर से बहाल की गई साप्ताहिक पारिवारिक मुलाकातों का बिना किसी रुकावट या प्रशासनिक देरी के सम्मान करें और तीसरी मांग ये है कि मेडिकल इवैल्यूशन के बाद इमरान खान को स्वीकृत किसी भी ट्रीटमेंट को बिना किसी देरी के प्रदान किया जाए. पूर्व कप्तानों ने इस बात पर जोर दिया कि वे पाकिस्तान के घरेलू कानूनी या राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं.



