Pakistan cricket टीम इस समय बड़े संकट से गुजर रही है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम में बड़ा बदलाव किया है। इसी बीच पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी है। अख्तर ने दावा किया कि PCB के एक अधिकारी ने मौजूदा पाकिस्तान क्रिकेट को ‘वेंटिलेटर’ पर बताया है।

इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक प्रदर्शन से खुली पोल

पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज में टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। पहले टेस्ट में पाकिस्तान को पारी और 103 रन से हार मिली, जबकि लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने 194 रन से बाजी मारी। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। लगातार दो हार के बाद पाकिस्तान सीरीज में 02 से पिछड़ गया और PCB ने बीच सीरीज में ही बड़ा बदलाव कर दिया।

PCB ने सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया, जिनमें मोहम्मद रिजवान और सलमान अली आगा जैसे नाम भी शामिल थे। इसके अलावा मुख्य कोच सरफराज अहमद और सहायक कोच उमर गुल को भी हटाया गया।

शोएब अख्तर ने बताया पूरा प्लान

शोएब अख्तर के मुताबिक PCB अब मौजूदा टीम से ज्यादा उम्मीद नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि बोर्ड युवा और नए खिलाड़ियों को तैयार करके पाकिस्तान क्रिकेट का भविष्य बनाने पर ध्यान दे रहा है। अख्तर के अनुसार इस बदलाव का असर तुरंत नहीं दिखेगा और टीम को दोबारा मजबूत होने में करीब दो साल लग सकते हैं।

अख्तर ने हालांकि तीन तेज गेंदबाजों को लेकर खास चिंता जताई। उन्होंने शाहीन शाह अफरीदी , नसीम शाह और हारिस रऊफ के करियर को सुरक्षित रखने की अपील की। उनका मानना है कि इन तीनों खिलाड़ियों में अभी पाकिस्तान क्रिकेट को काफी कुछ देने की क्षमता है।

पाकिस्तान को चाहिए लंबा बदलाव

अख्तर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान टीम में फिलहाल मुकाबला करने का जज्बा नजर नहीं आ रहा। उनका मानना है कि सिर्फ खिलाड़ियों को बदलने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि युवा खिलाड़ियों को बेहतर सिस्टम, घरेलू क्रिकेट और मजबूत ट्रेनिंग की जरूरत होगी।

PCB ने भी अब नई पीढ़ी के खिलाड़ियों पर फोकस करना शुरू कर दिया है। ऐसे में पाकिस्तान क्रिकेट के लिए आने वाले दो साल बेहद अहम होने वाले हैं। अगर बोर्ड अपनी योजना को सही तरीके से लागू करता है, तो टीम वापसी कर सकती है, लेकिन मौजूदा संकट से निकलना आसान नहीं होगा।