
How to Check Pure Cooking Oil: अगर आप रिफाइंड, सरसों या खाने का कोई तेल खरीद रहे हैं, तो सिर्फ MRP न देखें। मिलावट से बचने के लिए पैकेट पर लिखी 7 चीजें भी जरूर चेक करें।
Cooking Oil Buying Tips: बाजार से घर का राशन लाते समय हम सबसे ज्यादा ध्यान किस बात पर देते हैं? शायद MRP यानी कीमत पर। अगर रिफाइंड या सरसों का तेल किसी दुकान पर थोड़ा सस्ता मिल जाए, तो हम तुरंत उसे झोले में डाल लेते हैं। लेकिन थोड़ा रुकिए.. सिर्फ पैसे बचाना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार ने खुले तेल की बिक्री पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। ये फैसला लोगों की सेहत को देखकर लिया गया है। ऐसे में अगर आप भी रिफाइंड, सरसों या कोई भी खाने का तेल खरीदते समय सिर्फ कीमत देखकर फैसला लेते हैं तो सावधान हो जाइए। जानिए तेल खरीदते समय पैकेट पर क्या-क्या चीजें देखनी चाहिए…
महाराष्ट्र में खाने के तेल पर क्या एक्शन लिया गया?
महाराष्ट्र के FDA (खाद्य और औषधि प्रशासन) कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने साफ कर दिया है कि अब कोई भी दुकानदार बड़े डिब्बे या टंकी से निकालकर आधा या एक लीटर खुला तेल नहीं बेच सकेगा। अगर कोई ऐसा करता पाया गया, तो उसे जेल हो सकती है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इसके साथ ही, भ्रामक और झूठे विज्ञापन चलाने वालों पर 10 लाख रुपए तक के भारी जुर्माने का भी नियम लागू कर दिया गया है।
महाराष्ट्र में खाद्य तेल पर क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?
महाराष्ट्र एफडीए ने राज्यभर में एक बड़ा जांच अभियान चलाया था। इस जांच में बहुत ही चौंकाने वाली बातें सामने आईं। खुले तेल में बड़े पैमाने पर मिलावट की जा रही थी। कई लोग बिना लाइसेंस के ही तेल का कारोबार कर रहे थे। एक्सपायरी डेट पास आने पर तेल की पुरानी पैकेजिंग बदलकर उसे नया बताकर बेचा जा रहा था। लेबल के साथ जमकर छेड़छाड़ हो रही थी। खुले तेल में बैच नंबर या यह कहां से आया है, इसकी कोई जानकारी नहीं होती, जिससे मिलावटखोरों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इसे देखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया।
तेल खरीदते समय पैकेट पर कौन सी 7 चीजें चेक करें
1. पैकेट की सील
तेल की बोतल या पैकेट खरीदते समय सबसे पहले उसकी सील देखिए। पैकेज कहीं से खुला हुआ, फटा हुआ या लीक करता हुआ नजर आए तो उसे न खरीदना बेहतर है। अगर ढक्कन ढीला है या पैकिंग से ऐसा लग रहा है कि उसे पहले खोला गया है, तो दूसरा पैकेट लेना ज्यादा सही रहेगा। खाने के तेल के मामले में पैकेज का ठीक से बंद होना बहुत जरूरी है।
2. मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट
तेल खरीदते समय पैकेट पर बनी तारीख जरूर देखें। सिर्फ यह देखकर न खरीदें कि बोतल नई दिख रही है। मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी या बेस्ट बिफोर से आपको यह समझने में मदद मिलती है कि प्रोडक्ट कितना पुराना है और उसे इस्तेमाल करने की तय अवधि क्या है। महाराष्ट्र FDA ने भी पैकेटबंद तेल खरीदते समय निर्माण और समाप्ति की तारीख देखने की सलाह दी है।
3. लेबल पर लिखी जानकारी
तेल की बोतल पर सिर्फ ब्रांड का नाम नहीं होता है। लेबल पर प्रोडक्ट से जुड़ी कई जरूरी जानकारी दी जाती है। इसलिए खरीदने से पहले लेबल को एक बार जरूर पढ़ें। अगर लेबल बहुत खराब है, जानकारी साफ नहीं दिख रही या उस पर छेड़छाड़ जैसी बात नजर आ रही है, तो ऐसा पैकेट छोड़ देना बेहतर है।
4. बैच नंबर
बैच नंबर आम ग्राहक के लिए छोटी सी जानकारी लग सकती है, लेकिन यह काफी काम की होती है। किसी प्रोडक्ट को लेकर शिकायत या जांच की जरूरत पड़ने पर ऐसी जानकारी से उसके बैच और सोर्स को ट्रैक करने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि खुले तेल के मुकाबले पैक किए गए तेल में ट्रेस करने वाली जानकारी ज्यादा आसानी से मिलती है।
5. पैकेट पर तेल का प्रकार
आप सरसों का तेल खरीद रहे हैं, रिफाइंड खरीद रहे हैं या कोई दूसरा खाद्य तेल, यह जानकारी पैकेट पर साफ होनी चाहिए। दुकान पर जल्दी में सिर्फ रंग या ब्रांड देखकर बोतल उठाने के बजाय एक बार यह जरूर देख लें कि अंदर कौन सा तेल है और पैकेट पर उसकी जानकारी क्या दी गई है। खासकर तब, जब घर में किसी खास तरह का तेल इस्तेमाल किया जाता हो।
6. मात्रा और MRP
MRP देखना जरूरी है, लेकिन साथ में पैकेट में तेल की मात्रा भी देखें। अलग-अलग पैक में अलग मात्रा हो सकती है। इसलिए सिर्फ बोतल की कीमत देखकर यह तय न करें कि कौन सा तेल सस्ता है। यानी दो पैकेट की कीमत में थोड़ा अंतर हो सकता है, लेकिन उनकी मात्रा भी अलग हो सकती है। ऐसे में कीमत के साथ मात्रा देखकर तुलना करना ज्यादा समझदारी है।
7. पैकेजिंग
अगर तेल का पैकेट या डिब्बा ऐसा लग रहा है कि उसे पहले इस्तेमाल किया गया है या उसकी पैकिंग बदली गई है, तो उसे खरीदने से बचें। महाराष्ट्र FDA की ओर से भी पुरानी या दोबारा इस्तेमाल की गई पैकेजिंग में पैक किए गए तेल को न खरीदने की सलाह दी गई है।



