दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को के तहत सब्सिडी पाने के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया. इस पोर्टल के जरिए अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोग घर बैठे सब्सिडी और अन्य सरकारी लाभों के लिए आवेदन कर सकेंगे.

सरकार की ओर शुरू किया गया पूरी तरह डिजिटल है और इसे लोगों के लिए आसान, तेज और पारदर्शी बनाया गया है. इस पोर्टल पर आवेदन करने के लिए वाहन खरीदारों को कुछ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जिनमें आधार कार्ड, वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और वोटर आईडी शामिल हैं.
30 दिनों के भीतर आवेदन
पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद आवेदक के मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा. मोबाइल नंबर सत्यापित होने के बाद आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. सरकार का कहना है कि जो लोग सब्सिडी के पात्र हैं, उन्हें वाहन खरीदने और RC मिलने के 30 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा. दिल्ली सरकार के मुताबिक, आवेदन स्वीकृत होने के बाद सब्सिडी की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी. सरकार का लक्ष्य है कि आवेदन मिलने के 60 दिनों के भीतर सब्सिडी की रकम खातों में ट्रांसफर कर दी जाए.
7,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी सरकार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लोग बिना किसी सरकारी ऑफिस के चक्कर लगाए अपने घर से ही आवेदन कर सकेंगे. इसके अलावा आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को रियल टाइम में ऑनलाइन ट्रैक भी कर सकेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी. दिल्ली सरकार ने नई EV पॉलिसी को लागू करने के लिए अगले चार सालों में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने की योजना बनाई है. इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाना, प्रदूषण कम करना और राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मजबूत बनाना है.
EV खरीदने पर मिलेगी इतनी सब्सिडी
नई पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को कई तरह के आर्थिक लाभ दिए जाएंगे. इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर ₹30,000 तक, इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहनों पर ₹50,000 तक और N1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रकों पर ₹1 लाख तक की सब्सिडी मिलेगी. इसके अलावा पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को स्क्रैप कराने पर भी अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. सरकार ने यह भी घोषणा की है कि ₹30 लाख तक की कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ रहेगी. इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की कुल लागत में काफी कमी आएगी और ज्यादा लोग EV अपनाने के लिए प्रेरित होंगे.



