विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन का मानना है कि भारत को इंग्लैंड की परिस्थितियों में बेहतर तरीके से ढलना होगा और बीच के ओवरों में धीमी गति से बल्लेबाजी करने की समस्या से निजात पाना होगा जिसके कारण उसे यहां दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में हार का सामना करना पड़ा।
भारत अपने पिछले चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में जीत हासिल नहीं कर पाया है। आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच हारने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला का पहला मैच बारिश के कारण रद्द कर दिया गया था जबकि दूसरे मैच में वह चार विकेट से हार गया था। इस मैच में भारतीय टीम बीच के ओवरों में अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाई थी।
किशन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘बिल्कुल उनके पास गेंदबाजी के सबसे अच्छे विकल्प होंगे। उन्हें परिस्थितियों की बेहतर समझ होगी।

लेकिन हम भी सुधार की कोशिश कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके खिलाड़ी हमारे खिलाफ क्या कर रहे हैं क्योंकि उनके पास ज्यादा जानकारी है। हमें यह समझना होगा कि हम एक टीम के रूप में 20 अतिरिक्त रन कहां बना सकते हैं। हम इस पर बात करेंगे और आगे इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’
इंग्लैंड की पारी का 17वां ओवर निर्णायक साबित हुआ क्योंकि भारतीय स्पिनर रवि बिश्नोई ने दो नोबॉल से शुरुआत की और जैकब बेथेल ने तीन गगनचुंबी छक्के लगाए जिससे मेजबान टीम ने एक ओवर शेष रहते 191 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया।
किशन ने कहा, ‘‘मैच शुरू से ही हमारी पकड़ में था। मैच हमारे हाथ में था लेकिन दो फ्री हिट मिलने से इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव कम हुआ। उन्होंने इसका फायदा उठाया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने काफी अच्छी गेंदबाजी की। हमारी अपनी रणनीति थीं, लेकिन साथ ही, हमें बेथेल को इसका श्रेय देना होगा क्योंकि वह लंबे समय तक टिके रहे और उन्होंने मौके का पूरा फायदा उठाया।’’
किशन ने स्वीकार किया कि लगातार हार से मानसिकता में बहुत बड़ा फर्क पड़ता है, लेकिन उन्होंने कहा कि खिलाड़ी इतने परिपक्व हैं कि वे एक टीम के रूप में हार को समझ सकते हैं और उससे उबर सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भले ही हम जीत नहीं पाए लेकिन मुझे लगता है कि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम यह समझें कि हम कहां सुधार कर सकते हैं। हम सब सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं।’’
किशन ने कहा, ‘‘हारने से भी सोच पर प्रभाव पड़ता है लेकिन हम सभी इतने परिपक्व हैं जो यह समझते हैं कि क्या हो रहा है और एक टीम के रूप में हम कहां सुधार कर सकते हैं।



