
Raipur News: रायपुर। आरंग क्षेत्र में शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की बेरहमी से हत्या मामले को पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर ही सुलझा लिया है। शिक्षक की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके साथी शिक्षक ने ही की थी।
इस सनसनीखेज हत्याकांड को सुलझाने में सबसे बड़ा योगदान वीएसके ऐप का रहा। पुलिस की टीम वीएसके ऐप के माध्यम से ही आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार किया।
दरअसल, थाना आरंग के अपराध धारा 103(1) बीएनएस (मर्ग क्रमांक 124/2026 धारा 194 बीएनएसएस) के अंधे कत्ल का आरंग पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस जघन्य हत्या के आरोप में मृतक के ही साथी शिक्षक को गिरफ्तार किया है।
जानिए क्या था मामला?
जानकारी के मुताबिक, 17 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम बनचरौदा के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है, जिसके सिर व चेहरे पर धारदार व कठोर वस्तु से सांघातिक चोट पहुंचाकर निर्मम हत्या की गई थी। मृतक की पहचान शिवकुमार चंद्राकर पिता शंकरलाल चंद्राकर (46 वर्ष) निवासी ग्राम रामपुर डंगनिया थाना गोबरा नवापारा जिला रायपुर के रूप में हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ASP रायपुर ,ग्रामीण और DSP माना वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल घटना स्थल पहुंचे और फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड टीम व सायबर टीम के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया, शव पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया।
आरोपी पर ऐसे घूमा शक
जाँच के दौरान पता चला कि मृतक शिवकुमार चंद्राकर और संदेही चंद्रप्रकाश वर्मा दोनों ही ग्राम कुम्हारी के स्कूल में शिक्षक हैं। गांव का चरवाहा और ग्रामीणों ने बताया कि मृतक को अंतिम बार उसके साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा के साथ सफेद रंग की स्कूटी पर ग्राम बनचरौदा घटना स्थल की ओर जाते देखा गया था।
VSK ऐप से पकड़ाया आरोपी
पुलिस ने ग्राम कुम्हारी स्कूल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और VSK ऐप का LOG रिपोर्ट का अध्यन करने पर सारा सच सामने आ गया। 17 सितंबर की सुबह 9.35 बजे चंद्रप्रकाश वर्मा स्कूल आया इस दौरान मोबाइल का लोकेशन ऑफ करके घटना को अंजाम देने तुरंत निजी काम का बहाना बनाकर बाहर निकल गया और घटना को अंजाम देने के बाद दोपहर करीब 12:50 PM बजे वापस स्कूल लौटा और अपने मोबाइल से VSK app में लॉग इन नहीं करके यह बोल कर की उसका मोबाइल घर में रह गया। साथी शिक्षक के मोबाइल से उपस्थिति हेतु लॉग इन किया जो की लॉग रिपोर्ट में सामने आ गई।
उधारी का पैसा बना हत्या का कारण
आज 18 सितंबर को संदेही चंद्रप्रकाश वर्मा को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि मृतक शिवकुमार चंद्राकर और वो पिछले 4 साल से एक दूसरे को जानते थे और साथ में रेत, रियल स्टेट और बुलियन मार्केट में ट्रेडिंग करते थे। इन्ही सब काम में इसने मृतक को करीब 30 लाख रुपये उधारी दिए थे। जिसके बदले में मृतक ने उसे छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के 3 ब्लैंक चेक दिए थे। आरोपी हर महीने उससे ब्याज लेता था। पिछले तीन महीनों से मृतक ब्याज नहीं दे रहा था। बल्कि गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देता था। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इसी कारण से आरोपी परेशान, विचलित था और बहुत ज़्यादा गुस्से में था और उसने प्लान किया कि घटना को अगर पैसा नहीं देगा तो उसे ख़त्म कर देगा इसके लिए वो पूरी तैयारी के साथ आया।
17 सितंबर को सुबह करीब 10 बजे दोनों की मुलाकात कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास हुई। ब्याज और पैसा वापसी को लेकर दोनों में विवाद हुआ और विवाद करते-करते दोनों बनचरौदा के सुनसान इलाके में पहुंच गए। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अपनी स्कूटी में पहले से रखे धारदार हथियार से मृतक के सिर के पीछे वार कर गिरा दिया और फिर हथौड़े से उसके चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी।
जब्ती सामान
आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सफेद स्कूटी, धारदार हथियार, हथौड़ा, मृतक द्वारा दिए गए 3 ब्लैंक चेक, मृतक का पर्स, दोनों के मोबाइल, तथा आरोपी के घटना के समय पहने हुए खून से सने जूते और मोजा और कपड़े जब्त किए हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।



