Azamgarh Crime News: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र अंतर्गत शंभूपुर गहजी गांव में अंधविश्वास, झाड़फूंक और मानसिक विक्षिप्तता के संगम ने ऐसा खूनी मंजर पैदा किया जिसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है. घर में भटक रही ‘मृतक बड़े भाई की आत्मा’ और प्रेतबाधा के साये को भगाने के लिए आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के दौरान हुए इस हत्याकांड में अब मौतों का आंकड़ा बढ़कर 5 हो गया है.

मंगलवार शाम पत्नी बबीता सिंह और पूजा करा रहे दो पंडितों की हत्या करने वाले आरोपी अरविंद सिंह का पुलिस एनकाउंटर में अंत हो गया. वहीं, बंधक बनाने के दौरान आरोपी पिता की गोली से गंभीर रूप से घायल हुए उसके मासूम बच्चे की भी अस्पताल में इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई है.
पुलिस जांच और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी अरविंद सिंह का पिछले कुछ समय से बनारस से मानसिक रोग का इलाज चल रहा था. परिवार का मानना था कि अरविंद के ऊपर उसके मृतक बड़े भाई सुनील सिंह की आत्मा और प्रेतबाधा का साया है. इसी अंधविश्वास के चलते उसकी मां समला देवी और पत्नी बबीता सिंह ने घर में 4 दिन का विशेष तंत्रपूजा और अनुष्ठान रखा था. बुधवार को इसकी पूर्णाहुति होनी थी.
मंगलवार शाम करीब 6 बजे जब अरविंद बाजार से घर पहुंचा और आंगन में पूजा होते देखा, तो वह आपा खो बैठा. वो चिल्लाया कि “तेरे चक्कर में मेरे भाई की हत्या हुई है” इसके बाद उसने अपनी लाइसेंसी बंदूक से सबसे पहले पत्नी बबीता को गोली मारी, फिर पूजा करा रहे दोनों पुरोहितों को गोलियों से भून डाला.
3 मासूमों को बनाया बंधक, कमरे के भीतर ही बेटे को मारी गोली
ट्रिपल मर्डर की खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद अरविंद अपने तीन छोटे बच्चों को घसीटकर एक कमरे में बंद हो गया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची 6 थानों की पुलिस, एसपी डॉ. अनिल कुमार और एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने करीब 7 घंटे तक उसे समझाने और बच्चों की सुरक्षा के लिए सरेंडर कराने का प्रयास किया. लेकिन मानसिक रूप से बीमार अरविंद बारबार अजीबोगरीब हरकतें करते हुए पुलिस को धमकियां देता रहा. पर्याप्त चेतावनी के बावजूद सनकी अरविंद ने कमरे के भीतर ही अपने एक मासूम बच्चे को गोली मार दी.
आधी रात कमांडो का ऑपरेशन: क्रॉसफायरिंग में आरोपी ढेर, बच्चे की भी मौत
बच्चों की जान पर मंडराते खतरे को देखते हुए देर रात करीब 11:30 बजे वाराणसी जोन के ADG नवीन अरोड़ा मौके पर पहुंचे और रात 12:30 बजे विशेष कमांडो दस्ते ने मोर्चा संभाला. कमांडो टीम ने जब उसे सरेंडर करने को कहा, तो अरविंद ने ताबड़तोड़ 6 राउंड फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई और आत्मरक्षा में पुलिस व कमांडो टीम ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें आरोपी अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस ने तुरंत कमरे का दरवाजा तोड़कर 2 अन्य मासूम बच्चों को सकुशल और सुरक्षित बाहर निकाल लिया. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। घायल आरोपी अरविंद और उसकी गोली से लहूलुहान हुए मासूम बच्चे को तुरंत एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया गया. जहां इलाज के दौरान आरोपी अरविंद सिंह और उसके मासूम बच्चे दोनों की मौत हो गई.
SSP डॉ. अनिल कुमार का आधिकारिक बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया आरोपी ने अपनी पत्नी और 2 अन्य व्यक्तियों की हत्या के बाद बच्चों को बंधक बना लिया लिया था. चेतावनी के बावजूद उसने अपने एक बच्चे को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया. बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हुआ. अस्पताल में उपचार के दौरान आरोपी अरविंद और उसके बच्चे दोनों की मौत हो गई है. 2 बच्चों को सकुशल बचा लिया गया है. मौके पर फॉरेंसिक और एसओजी टीम साक्ष्य संकलन में जुटी है.



