
यदि आपने भी पिछले काफी समय से अपने राशन कार्ड पर सरकारी सस्ते गल्ले का राशन नहीं लिया है, तो यह चेतावनी भरी खबर सीधे आपके लिए है। सरकार के नए और कड़े नियमों के अनुसार, लगातार छह महीने तक राशन न उठाने वाले राशन कार्डों को अब विभाग द्वारा पूरी तरह से निष्क्रिय (डीऐक्टिवेट) किया जाने वाला है। इस नए नियम को आगामी 1 अक्टूबर से प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है, जिसके बाद जरा सी भी लापरवाही बरतने वाले कार्डधारकों को बहुत बड़ा झटका लग सकता है।
इस तरह होगी ‘साइलेंट’ राशन कार्डों की पहचान और ऑटोमैटिक ब्लॉकिंग
विभाग के नए और सख्त आदेश के मुताबिक, हर महीने की ठीक 21 तारीख को ऐसे तमाम ‘साइलेंट’ राशन कार्डों की पहचान की जाएगी, जिन पर पिछले लगातार छह महीनों से खाद्यान्न का कोई भी सफल लेनदेन या उठान दर्ज नहीं हुआ है। इसके बाद, ठीक अगले महीने की पहली तारीख को ये सभी निष्क्रिय कार्ड सिस्टम के जरिए स्वतः यानी ऑटोमैटिक तरीके से ब्लॉक या बंद हो जाएंगे।
इसके साथ ही, फर्जी या डुप्लीकेट राशन कार्ड बनवाकर सरकारी योजना का लाभ लेने वाले लोगों की भी विशेष रूप से पहचान की जाएगी और उनके कार्ड तुरंत रद्द कर दिए जाएंगे। इस पूरी कार्रवाई की जानकारी राशन कार्ड में दर्ज परिवार के मुखिया के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) के माध्यम से भेजी जाएगी। Also ReadUPI Payment Alert: क्या पेट्रोल पंप पर महंगा होने वाला है डिजिटल भुगतान? 2000 के ऊपर चार्ज को लेकर हंगामा
जिला पूर्ति अधिकारी की बड़ी चेतावनी, विक्रेताओं को दिए गए निर्देश
इस पूरे मामले पर विस्तार से जानकारी देते हुए जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन ने यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि लगातार छह महीने तक राशन न लेने वाले कार्डों को हर हाल में निष्क्रिय किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर जिले के सभी अधिकृत सस्ता गल्ला विक्रेताओं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे जगह-जगह विशेष शिविरों (Camps) का आयोजन करें ताकि आम जनता को इस नए नियम के प्रति पूरी तरह जागरूक किया जा सके, जिससे किसी भी नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े।
90 दिनों के भीतर ई-केवाईसी और भौतिक सत्यापन न होने पर कार्ड होगा रद्द
नए नियमों के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी राशन कार्ड को पूरी तरह और स्थायी रूप से रद्द करने से पहले विभाग द्वारा कार्डधारकों को पूरे 90 दिनों का पर्याप्त समय दिया जाएगा। इस निर्धारित 90-दिवसीय अवधि के भीतर ही संबंधित कार्डधारकों की ई-केवाईसी (e-KYC) और जमीनी स्तर पर भौतिक सत्यापन की पूरी प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
वहीं दूसरी तरफ, जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर गलत दर्ज हैं या उनके राशन कार्ड से लिंक नहीं हैं, उनसे विभाग द्वारा लगातार संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है ताकि समय रहते उनकी कमियों को सुधारा जा सके। Also Readमोदी सरकार की इस स्कीम ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! दुनिया मान रही है इसकी ताकत
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Rozi Khan
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