देशभर में लाखों कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करने वाली कर्मचारी भविष्य निधि योजना से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है. केंद्र सरकार ने संसद में बताया है कि 31 मार्च 2026 तक कर्मचारी भविष्य निधि के निष्क्रिय खातों में कुल 9,330.56 करोड़ रुपये जमा हैं. इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने अब तक अपने EPF खाते में जमा रकम का दावा नहीं किया है.

राज्यसभा में सांसद आर. गिरिराजन द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि EPFO ऐसे खातों के बारे में कर्मचारियों और नियोक्ताओं को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है.
क्या होता है निष्क्रिय EPF खाता?
EPFO के नियमों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी के रिटायर होने, विदेश में स्थायी रूप से बस जाने या मृत्यु के बाद लगातार तीन साल तक उसके EPF खाते में कोई नया अंशदान नहीं आता, तो उसे निष्क्रिय खाता माना जाता है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। हालांकि, मौजूदा नियमों के तहत सदस्य के 58 वर्ष की आयु तक खाते पर ब्याज मिलता रहता है.
EPFO ने ऐसे खातों को दो श्रेणियों में बांटा है. पहली श्रेणी में वे खाते आते हैं, जिनमें यूनिवर्सल अकाउंट नंबर नहीं है, जबकि दूसरी श्रेणी में वे खाते शामिल हैं, जिनमें पहले से UAN जुड़ा हुआ है.
अगर आपका खाता निष्क्रिय हो गया है तो क्या करें?
यदि आप अभी भी किसी ऐसी संस्था में काम कर रहे हैं, जहां EPF लागू है, तो पुराने खाते में जमा रकम को अपने नए EPF खाते में ऑनलाइन या ऑफलाइन ट्रांसफर करा सकते हैं. वहीं, यदि आप रिटायर हो चुके हैं, तो EPFO के नियमों के अनुसार खाते में जमा पूरी राशि निकालने के लिए दावा कर सकते हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि कर्मचारियों को समयसमय पर अपना UAN सक्रिय रखना चाहिए और नौकरी बदलने पर पुराने EPF खाते को नए खाते से लिंक कर ट्रांसफर कर देना चाहिए. इससे खाता निष्क्रिय होने की संभावना कम रहती है.
EPFO चला रहा जागरूकता अभियान
श्रम राज्य मंत्री ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन सोशल मीडिया और ‘निधि आपके निकट 2.0’ शिविरों के माध्यम से कर्मचारियों और नियोक्ताओं को EPF सेवाओं तथा निष्क्रिय खातों के बारे में जानकारी दे रहा है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारियों की मेहनत की कमाई लंबे समय तक बिना दावे के न पड़ी रहे.
EPS पेंशन को लेकर भी सरकार ने दी अहम जानकारी
सरकार ने कर्मचारी पेंशन योजना को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की. मंत्री ने बताया कि EPS का पेंशन फंड एक पूल्ड फंड है, जिसमें नियोक्ताओं और केंद्र सरकार का योगदान जमा होता है. जब कोई सदस्य या उसका परिवार पेंशन का पात्र बनता है, तो इसी फंड से भुगतान किया जाता है.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि EPS के तहत पेंशन या निकासी लाभ का दावा करने की कोई समयसीमा नहीं है. पात्र सदस्य जब भी दावा करता है और उसका आवेदन मंजूर हो जाता है, तो उसे बकाया राशि सहित पूरा भुगतान किया जाता है.
ऐसे में यदि आपने कभी नौकरी बदली है, रिटायर हो चुके हैं या आपका कोई पुराना EPF खाता लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है, तो एक बार उसका स्टेटस जरूर जांच लें. हो सकता है कि आपकी मेहनत की कमाई भी इन्हीं निष्क्रिय खातों में पड़ी हो.



