
मध्य प्रदेश के रीवा में संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में एक प्रेग्नेंट महिला और उसके नवजात बच्चे की डिलीवरी के बाद मौत के मामले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश सरकार ने डॉ. राहुल मिश्रा को सुपरिटेंडेंट के पद से हटा दिया है। इससे पहले अस्पताल प्रशासन ने 2 नर्सों को सस्पेंड किया था। बता दें कि महिला और उसके बच्चे की मौत के बाद परिवार ने लापरवाही और इलाज में देरी का आरोप लगाया था, इस घटना का एक वीडियो भी इंटरनेट पर वायरल हुआ था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में डॉ. राहुल मिश्रा को कथित तौर पर एक प्रेग्नेंट महिला के परिवार से बेरुखी से बात करते हुए दिखाया गया था। इस वीडियो के आधार पर राज्य के पब्लिक हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने एक आदेश जारी कर अस्पताल के सुपरिटेंडेंट का चार्ज जनरल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. प्रियांक शर्मा को ‘अगले आदेश तक’ सौंप दिया गया है। हालांकि, आदेश में डॉ. राहुल मिश्रा को हटाने की कोई वजह नहीं बताई गई है। दिल दुखाने वाला वाडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
क्या था पूरा विवाद?
यह मामला रीवा जिले के हटवा की रहने वाली कल्पना मिश्रा से जुड़ा हुआ है जिन्हें 25 अगस्त की रात संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 26 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे उनकी सर्जरी के जरिए डिलीवरी हुई। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ती गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, दुर्भाग्यवश नवजात बच्चे की भी मौत हो गई।
परिवार ने लगाया था लापरवाही का आरोप
कल्पना के परिवार ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि उन्होंने डॉक्टरों से कई बार कल्पना की हालत देखने और उसका ठीक से इलाज करने की अपील की, लेकिन उनकी बात पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। महिला की मौत से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें कथित तौर पर कल्पना अपने परिवार से उसे घर ले जाने की गुहार लगाती सुनाई दे रही है। वीडियो में वह अस्पताल में अपने साथ हो रहे व्यवहार को लेकर चिंता जताती नजर आती है। वह कह रही है कि ये लोग मुझे मार डालेंगे।
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परिवार के आरोप
कल्पना के पिता रामशरण मिश्रा ने अपनी बेटी की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कल्पना उनकी इकलौती बेटी थी और मौत से पहले उसने उनसे मदद की गुहार लगाई थी। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। परिवार ने पुलिस में एफआईआर दर्ज करने और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वायरल वीडियो में क्या कहा गया था?
वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में डॉ. राहुल मिश्रा और कल्पना के परिवार के एक सदस्य के बीच बातचीत को सुना जा सकता है। वीडियो में डॉ. मिश्रा कथित तौर पर परिवार के एक सदस्य से कहते हुए सुनाई दिए कि “तुमने अपनी 22 साल की बहन को प्रेग्नेंट कर दिया।” इस टिप्पणी को लेकर काफी विवाद हुआ, परिवार पहले ही कल्पना के इलाज और उसकी मौत को लेकर अस्पताल पर सवाल उठा रहा था।
परिवार के आरोपों पर डॉक्टर की प्रतिक्रिया
विवाद बढ़ने के बाद डॉ. मिश्रा ने अपने बयान के लिए माफी मांगी, उन्होंने कहा कि उनका मकसद परिवार की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और उनके बयान का मतलब वैसा नहीं था, जैसा समझा गया। डॉ. मिश्रा ने इलाज में किसी तरह की मेडिकल लापरवाही के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कल्पना की गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त एंटीनेटल चेक-अप नहीं हुए थे। उनके मुताबिक, मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार गर्भवती महिला की कम से कम आठ बार जांच होनी चाहिए, लेकिन उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार कल्पना की सिर्फ दो बार जांच हुई थी और दोनों जांच निजी अस्पताल में हुई थीं।
परिवार के आरोपों की जांच कर रहा अस्पताल
डॉ. मिश्रा ने कहा कि अस्पताल पहुंचने के बाद कल्पना का ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ गया था, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ी और वह बेहोश हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है और दो नर्सिंग ऑफिसर्स को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। डॉ. मिश्रा के मुताबिक, महिला का इलाज मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया था और डॉक्टरों की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई। परिवार के आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ एक्शन होगा।



