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राजस्थान के दौसा के यंग इंटरप्रेन्योर और ‘चायवालाज’ स्टार्टअप के फाउंडर रोहित शर्मा ने अपने घर पर आत्महत्या कर ली. 30 साल के रोहित ने महज 17 साल की उम्र में बिजनेस की शुरुआत की थी और अपने अलग आइडिया के दम पर ‘चायवालाज’ को एक सफल स्टार्टअप बनाया. साल 2022 में उन्हें उनके बिजनेस मॉडल के लिए नेशनल MSME अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है.

रोहित की जिंदगी सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं रही. उन्होंने अपने स्टार्टअप के 7 आउटलेट खड़े किए, बाद में सभी बंद कर अध्यात्म का रास्ता चुना, किताबें लिखीं और समाजसेवा से भी जुड़े रहे. ऐसे में उनके अचानक मौत की खबर ने परिवार, दोस्तों और स्टार्टअप जगत को गहरे सदमे में डाल दिया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.

कैसे शुरू किया बिजनेस?

रोहित शर्मा ने महज 17 साल की उम्र में बिजनेस शुरू करने का फैसला किया. उस समय वह नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे थे. पढ़ाई के साथ उन्होंने अपना सपना पूरा करने के लिए मेहनत की और जयपुर में ‘चायवालाज’ नाम से एक चाय कैफे की शुरुआत की. उनका पहला आउटलेट जयपुर के मानसरोवर इलाके में खोला गया. लोगों को उनका अलग अंदाज पसंद आया और धीरे-धीरे उनका स्टार्टअप पॉपुलर होता चला गया.

कितने हैं आउटलेट?

पहले आउटलेट की सफलता के बाद रोहित ने जयपुर में दूसरा कैफे शुरू किया. इसके बाद उन्होंने अपने बिजनेस को दूसरे शहरों तक बढ़ाया. कुछ ही समय में ‘चायवालाज’ के कुल 7 आउटलेट शुरू हो गए. उनका स्टार्टअप यंगस्टर्स के बीच काफी पॉपुलर हो गया और उन्हें एक सफल यंग इंटरप्रेन्योर के रूप में पहचान मिली.

कौन-कौन से मिले अवॉर्ड

रोहित शर्मा के बिजनेस मॉडल को नेशनल पर भी सराहा गया. साल 2022 में उन्हें ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम की ओर से नेशनल MSME अवॉर्ड से नवाजा गया. इसके अलावा कई सामाजिक और बिजनेस एंटिटी ने भी उन्हें सम्मान दिया.

क्यों छोड़ा बिजनेस?

करीब छह महीने पहले रोहित ने अपने सभी 7 आउटलेट बंद कर दिए. इसके बाद उन्होंने आध्यात्मिक जीवन की ओर कदम बढ़ाया. वह धार्मिक स्थलों की यात्रा करने लगे. साथ ही, लिखना भी शुरू कर दिया था. उन्होंने कई किताबें लिखीं, जिनमें ‘तत्सुखे सुखित्वं’ को पाठकों ने काफी पसंद किया. अध्यात्म से जुड़ाव बढ़ने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना नाम बदलकर ‘रोहित शिवोहम’ भी कर लिया था.

राजनीति में भी आजमाया हाथ

बिजनेस के अलावा रोहित समाजसेवा से भी जुड़े रहे. वह दौसा में ‘मिशन हेल्पलाइन’ के जरिए जरूरतमंद लोगों की मदद करते थे. साल 2024 के दौसा विधानसभा उपचुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन भी दाखिल किया था. हालांकि बाद में उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया.

रोहित शर्मा के घर में कौन-कौन?

रोहित शर्मा अपने पीछे पत्नी, सात साल के बेटे और परिवार को छोड़ गए हैं. उनके पिता दौसा में मेडिकल स्टोर चलाते हैं, जबकि उनकी पत्नी एक प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं. पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.

डिस्क्लेमर: यदि आप चिंता या भावनात्मक दबाव से गुजर रहे हैं, तो भारत सरकार की जीवन आस्था हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. सुसाइड सामाजिक समस्या है.

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