मुंबईकरों के लिए सितंबर महीने की शुरुआत एक बेहद बुरी खबर के साथ हुई है. शहर में महंगाई का डबल अटैक हुआ है. महानगर गैस लिमिटेड ने 1 सितंबर से अपने सभी रिटेल आउटलेट्स पर सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा कर दिया है. सिर्फ गाड़ियां चलाने वाले ही नहीं, बल्कि घरों में पाइपलाइन वाली गैस इस्तेमाल करने वाली गृहणियां भी इस महंगाई की चपेट में हैं. घरेलू पीएनजी के दाम में भी 1 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर की बढ़ोतरी की गई है. नई दरें लागू होने के बाद मुंबई में सफर करना, खाना पकाना दोनों महंगे हो गए हैं.

क्यों बारबार बढ़ रही कीमतें
लगातार बढ़ रही इन कीमतों के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण भी शामिल हैं. पश्चिमी एशिया में चल रहे तनाव की वजह से लिक्विफाइड नेचुरल गैस की कीमतें काफी ऊपर बनी हुई हैं. महानगर गैस का कहना है कि सीएनजी की भारी डिमांड को पूरा करने के लिए इंपोर्टेड स्पॉट आरएलएनजी पर निर्भर रहना पड़ रहा है. इसी कारण कंपनी की लागत काफी बढ़ गई है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि तीन चरणों में सीएनजी अब तक 6 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है. इससे पहले इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने भी पांच अलगअलग चरणों में करीब 10 रुपये प्रति किलो दाम बढ़ाए थे.
तबेला दूध ने भी निकाला पसीना
पेट्रोलपंप से लेकर रसोई तक महंगाई की मार पड़ी ही थी कि दूध उत्पादकों ने भी अपना फैसला सुना दिया. मुंबई में ताजा तबेला दूध खरीदने वालों को अब 9 रुपये प्रति लीटर ज्यादा चुकाने होंगे. अभी तक जो दूध 93 रुपये में मिलता था, उसके लिए अब 102 रुपये प्रति लीटर की भारी कीमत चुकानी होगी. दूध उत्पादकों की तरफ से तय की गई ये नई दरें 1 सितंबर 2026 से लेकर 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेंगी.
त्योहारी बजट पर सीधा असर
आने वाले कुछ ही दिनों में त्योहारों का सिलसिला शुरू होने वाला है. ऐसे वक्त में दूध जैसी जरूरी चीज का 100 रुपये के पार जाना चिंता का विषय है. घरों में मिठाइयां बननी हैं, मेहमानों का आनाजाना होगा, लेकिन दूध से लेकर गैस के दामों ने आम आदमी को परेशान कर दिया है. ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से दूसरी जरूरी चीजों पर भी असर पड़ने की आशंका है. मुंबईकरों के लिए ये महीना सिर्फ शुरुआत में ही नहीं, बल्कि पूरे त्योहारी सीजन में जेब पर भारी पड़ने वाला है.



