भारत में UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने का फैसला दिवाली 2026 तक टाल दिया गया है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने कहा है कि चुनिंदा मर्चेंट पेमेंट पर यह व्यवस्था दिवाली के तुरंत बाद लागू की जाएगी. इसके लिए अलग से तारीख घोषित की जाएगी. इस फैसले के बाद Paytm, Pine Labs, Zaggle Prepaid, One MobiKwik Systems और Moneyview जैसी फिनटेक कंपनियों के शेयरों में मामूली तेजी देखने को मिली है.

NPCI की UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है. यह नियम 15 अक्टूबर से लागू होना था. मिंट की रिपोर्ट में एक्सपर्ट्स के हवाले से दावा किया गया है कि MDR चार्ज लागू होने में देरी से फिनटेक कंपनियों को त्योहारों के दौरान फायदा मिल सकता है. हो सकता है इसी वजह से फिनटेक शेयरों में रिकवरी हुई हो.
फिनटेक शेयरों पर क्या असर?
MDR लागू करने का फैसला टलने की खबर के बाद कई फिनटेक शेयरों में रिकवरी देखने को मिली. Paytm की पैरेंट कंपनी One97 Communications का शेयर मंगलवार को 1,571 रुपये से बढ़कर कुछ ही मिनटों में 1,675 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. बुधवार को भी शेयर 1,724 पर कारोबार कर रहा था.
Pine Labs का शेयर मंगलवार को दिन के निचले स्तर 154.42 रुपये से बढ़कर 165 रुपये तक पहुंच गया. बुधवार को भी शेयर 165 रुपये के करीब बना रहा. Zaggle Prepaid का शेयर मंगलवार को 163.87 रुपये से उबरकर 165.50 रुपये पर पहुंचा. बुधवार को यह 170 रुपये तक पहुंच गया.
Moneyview का शेयर भी मंगलवार को 60.06 रुपये के निचले स्तर से उबरकर 60.75 रुपये पर पहुंचा और बुधवार को 62.90 रुपये तक पहुंच गया. One MobiKwik Systems का शेयर भी बुधवार को दिन के 242 रुपये के निचले स्तर से बढ़कर 246 रुपये तक पहुंच गया था.
इससे पहले आई थी बड़ी गिरावट
इससे पहले MDR को टाले जाने की आशंकाओं के बीच फिनटेक शेयरों में बिकवाली देखने को मिली थी. Kotak Neo के मुताबिक, 8 अक्टूबर को Paytm का शेयर 10% गिरा था. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। वहीं, One MobiKwik Systems के शेयर में 7.88% की गिरावट आई थी. इसके अलावा Pine Labs का शेयर भी 4.09% तक टूट गए थे. इस गिरावट की वजह UPI MDR को टाले जाने की खबरें थीं.
कंपनियों को होने वाली थी एक्स्ट्रा कमाई
नियम के तहत, ₹2,000 से ज्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR शुल्क लगाया जाना था. ₹75,000 या इससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर यह चार्ज मैक्सिमम चार्ज ₹300 तक सीमित रहेगा. इस व्यवस्था से डिजिटल पेमेंट कंपनियों को UPI ट्रांजैक्शन के जरिए कमाई का एक बड़ा हिस्सा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अगर नियम लागू होने में देरी होती है, तो कंपनियों को इससे होने वाली कमाई का फायदा भी आगे खिसक जाएगा. यही वजह है कि पहले Paytm, MobiKwik और Pine Labs के शेयरों पर दबाव देखने को मिला था.
क्या है UPI MDR चार्ज?
MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह चार्ज है, जो डिजिटल पेमेंट लेने वाले कारोबारियों के लेनदेन पर लगाया जा सकता है. इसके तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI मर्चेंट पेमेंट पर 0.40 फीसदी तक MDR लगाया जाएगा. हालांकि, हर ट्रांजैक्शन पर इसकी लिमिट 300 रुपये होगी. ध्यान देने वाली बात ये है कि सभी UPI ट्रांजैक्शन पर यह चार्ज लागू नहीं होगा. पर्सन टू पर्सन यानी P2P ट्रांसफर और 2,000 रुपये तक के मर्चेंट पेमेंट फ्री रहेंगे. कुछ जरूरी क्षेत्रों के ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये का तय शुल्क और कैपिटल मार्केट से जुड़े ट्रांजैक्शन पर 0.02 फीसदी शुल्क का प्रावधान भी बताया गया है, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये है. MDR लागू करने की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी. इससे त्योहारों के दौरान कारोबारियों और पेमेंट कंपनियों को प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था लागू होने से पहले कुछ और समय मिल गया है.



