‘दुश्मन मेरे पीछे लगे हैं, हत्या करा सकते हैं’, Y+ सिक्योरिटी मिलने पर बोले तेज प्रताप

Tej Pratap Yadav : जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को केंद्र सरकार ने Y+ कैटेगरी की सिक्योरिटी दी है. यह सुरक्षा उस वक्त बढ़ाई गई है, जब तेज प्रताप विधानसभा चुनाव में अपनी पुरानी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के खिलाफ जमकर प्रचार कर रहे हैं. गृह मंत्रालय की तरफ से वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिलने के बाद तेज प्रताप अब CRPF के 11 कमांडो के घेरे में रहेंगे.

मेरी जान को खतरा : तेज प्रताप
Y+ कैटेगरी की सिक्योरिटी मिलने के बाद रविवार को मीडिया से बात करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि उनकी पार्टी के सभी उम्मीदवार चुनाव जीत रहे हैं और उनकी पार्टी की लहर चल रही है. ऐसे में दुश्मन उनके पीछे लगे हैं और उनकी हत्या करा सकते हैं.

परिवार से निकाले जाने के बाद हमलावर हैं तेज प्रताप
बताते चलें कि मई में पर्सनल लाइफ को लेकर विवाद में घिरने के बाद लालू यादव ने उन्हें पार्टी और परिवार से 6 साल के निकाल दिया. इसके बाद से ही तेज प्रताप लगातार अपने ही परिवार और अपने पिता की पार्टी पर हमलावर हैं. चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव एक दूसरे पर हमलावर भी रहे हैं. महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे तेज प्रताप यादव के खिलाफ तेजस्वी ने राजद से अपने उम्मीदवार को उतारा और लगातार चुनावी सभाएं की. इसके जवाब में तेजप्रताप भी राघोपुर विधानसभा चुनाव में लगातार अपनी पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार किया.

खुफिया रिपोर्ट के आधार पर दी गई सुरक्षा
गृह मंत्रालय की तरफ से Y+ श्रेणी की सुरक्षा मिलने के बाद अब तेज प्रताप की सुरक्षा में CRPF के 11 कमांडो उनके साथ 24 घंटे तैनात रहेंगे. यह फैसला उस रिपोर्ट के बाद लिया गया है, जिसमें सुरक्षा एजेंसियों ने तेजप्रताप के खिलाफ संभावित खतरे की आशंका जताई थी.

वाई प्लस सिक्योरिटी में क्या होता है खास?
वाई प्लस श्रेणी में CRPF के कुल 11 कमांडो की टीम होती है. इनमें से पांच कमांडो ‘स्टैटिक ड्यूटी’ पर यानी तेजप्रताप के घर और उसके आसपास तैनात रहेंगे. बाकी छह ‘पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर’ (PSO) होंगे, जो तीन शिफ्टों में लगातार उनकी सुरक्षा संभालेंगे. इस व्यवस्था के तहत तेजप्रताप की हर आवाजाही पर सीआरपीएफ के ट्रेन्ड जवान मौजूद रहेंगे और उनका काफिला भी अब अधिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ चलेगा.

जिला पुलिस प्रशासन अलर्ट
गृह मंत्रालय के आदेश के बाद पटना जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस को भी निर्देश जारी कर दिया गया है कि वे सीआरपीएफ के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें. सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, तेजप्रताप अब राज्य के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्हें केंद्र स्तर की सुरक्षा दी गई है.

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