Jio IPO Listing: देश के सबसे बड़े कारोबारी घराने रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए बुधवार का दिन बेहद खास रहा. मुंबई के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में जियो प्लेटफॉर्म्स ने शेयर बाजार में अपना ऐतिहासिक कदम रखा. बाजार में कंपनी की शुरुआत जितनी धमाकेदार रही, समारोह का माहौल उतना ही भावुक कर देने वाला था. जिस वक्त जियो के शेयर बाजार में नया रिकॉर्ड बना रहे थे, ठीक उसी वक्त रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपनी आंखों से आंसू पोंछते नजर आए. मौका था जियो की लिस्टिंग सेरेमनी का. इस मंच से जब उनके तीनों बच्चों अनंत, ईशा और आकाश ने दादा धीरूभाई के सपनों और पिता के संघर्ष की कहानी सुनाई, तो मुकेश अंबानी खुद को रोक नहीं पाए. भरी महफिल में एक पिता का गर्व आंसुओं के रूप में छलक पड़ा.

#WATCH | Mumbai | Executive Director of Reliance Retail Ventures Limited, Isha Ambani honours her father and Reliance Industries Limited Chairman and Managing Director Mukesh Ambani, at the listing ceremony of Jio Platforms Limited

https://t.co/O4L72t5oTM

— ANI October 28, 2026

अनंत ने बिजनेस को पूजा, शेयर को बताया प्रसाद

मंच पर सबसे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी आए. उन्होंने ‘जय श्री कृष्ण’ के साथ सभी शेयरधारकों को प्रणाम किया. अनंत ने बड़ी सीधी बात कही कि आज स्टॉक एक्सचेंज की घंटी उनके लिए किसी मंदिर की घंटी जैसी है. उनके लिए बिजनेस एक पूजा है, और हर पूजा के बाद प्रसाद बंटता है. आज जियो को पूरे भारत के साथ प्रसाद के रूप में बांटा जा रहा है.

अनंत ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि बरसों पहले चोरवाड़ के एक साधारण घर से एक सपना निकला था. यमन के अदन शहर में पेट्रोल पंप पर काम करने वाले उनके दादा धीरूभाई अंबानी ने दिखाया कि एक आम भारतीय भी बड़ा सपना देख सकता है. इसके बाद पिता मुकेश अंबानी ने जामनगर की बंजर जमीन पर दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी खड़ी कर दी. अनंत ने बताया कि जियो का बीज ईशा दीदी ने बोया था, जिसे आकाश भाई ने अपना सपना बना लिया.

उन्होंने लॉकडाउन के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया रुक गई थी, तब जियो की वजह से बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकी. शहर में अकेले रह रहे बेटे को मां ने वीडियो कॉल पर सब्जी का रंग देखकर खाना पकाना सिखाया. हजारों मील दूर सरहद पर खड़े जवान ने घर पर वीडियो कॉल करके कहा कि मां, मैं ठीक हूं. अनंत ने 53 करोड़ ग्राहकों, बारिशधूप में टावर पर चढ़ने वाले टेक्नीशियनों और डिजिटल इंडिया के विजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से आभार जताया. उन्होंने कहा कि वो तीनों भाईबहन तीन शरीर हैं, लेकिन उनकी आत्मा एक है.

1977 का वो पहला आईपीओ, ईशा ने दिलाई याद

अनंत के बाद जब ईशा अंबानी मंच पर आईं, तो उन्होंने घर की डिनर टेबल की एक बात साझा की. ईशा ने बताया कि कुछ शाम पहले ही पापा मुकेश अंबानी 1977 के दिनों को याद कर रहे थे. तब वो सिर्फ 20 साल के थे और रिलायंस के पहले आईपीओ पर काम कर रहे थे. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। दादा धीरूभाई चाहते थे कि कंपनी पर सिर्फ कुछ अमीरों का हक न हो, बल्कि देश का आम आदमी भी इसका मालिक बने. उस वक्त 10 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन पर 2.82 करोड़ रुपये जुटाए गए थे. आज 50 साल बाद भरोसे का वो घेरा पूरा हो गया है.

ईशा ने बताया कि जियो ने महज 10 साल में करीब 15.5 बिलियन डॉलर की कुल कमाई और 8 बिलियन डॉलर का असली मुनाफा कमाया है. दुनिया में बहुत कम कंपनियां इतने कम समय में ये मुकाम हासिल कर पाती हैं. इस कामयाबी के पीछे की मेहनत बताते हुए ईशा ने अपने भाई आकाश की खूब तारीफ की. उन्होंने कहा कि पिछले 13 सालों के इस सफर में आकाश शायद ही किसी रात 12 बजे से पहले घर लौटे हों. ईशा ने दादी कोकिलाबेन, मां नीता अंबानी, मनोज अंकल और पूरे परिवार का शुक्रिया अदा किया. अंत में पिता की तरफ देखते हुए उन्होंने कहा कि पापा ने हमेशा वो भविष्य देखा, जो दूसरे नहीं देख सके. हम आज जहां हैं, आपकी वजह से हैं.

95 मिनट में रिकॉर्ड, आकाश की शादी वाली शर्त

बहन ईशा के बाद जियो के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने माइक संभाला. मंच पर आते ही वो भावुक हो गए. उन्होंने निवेशकों को धन्यवाद देते हुए बताया कि देश का ये सबसे बड़ा आईपीओ सिर्फ 95 मिनट में पूरा सब्सक्राइब हो गया. ये अब तक का सबसे तेज रिकॉर्ड है. इस आईपीओ के लिए 7.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की डिमांड आई और 1.3 करोड़ से ज्यादा भारतीयों ने जियो पर भरोसा जताया.

आकाश ने बताया कि विदेश से पढ़ाई पूरी करने के बाद वो सिर्फ एक मकसद से भारत लौटे थे, ताकि पिता के साथ मिलकर देश को डिजिटल बना सकें. उन्होंने केरल के एक पहाड़ी इलाके की अंजलि नाम की लड़की का किस्सा सुनाया. अंजलि को स्कूल के लेसन फोन में डाउनलोड करने के लिए रोज दो किलोमीटर पैदल पहाड़ी पर चढ़ना पड़ता था, क्योंकि नीचे नेटवर्क नहीं आता था. जियो के आने से उसकी ये परेशानी खत्म हो गई और उसका घर ही क्लासरूम बन गया.

माहौल को थोड़ा हल्का करते हुए आकाश ने 20 फरवरी 2017 की रात की एक मजेदार बात बताई. उस रात जियो ने 10 करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा पार किया था. आकाश ने हंसते हुए कहा कि पापा ने उनके सामने शर्त रखी थी कि जब तक जियो के 10 करोड़ ग्राहक पूरे नहीं हो जाते, तब तक मेरी शादी नहीं हो सकती. इसलिए उस रात मेरे पास जश्न मनाने की दो बड़ी वजहें थीं.

अगले 10 साल का प्लान… स्पेस से इंटरनेट, घरघर एआई

आकाश ने आगे की राह पर बात करते हुए कहा कि जब वो जियो से जुड़े थे, तब कंपनी के पास न कोई ग्राहक था और न ही कोई कमाई. लेकिन आज कंपनी के स्वदेशी प्लेटफॉर्म से 54 करोड़ से ज्यादा ग्राहक जुड़े हैं. आईपीओ से पहले हर ग्राहक कहता था कि ‘जियो मैंने बनाया’, अब हर शेयरधारक से वो कहते हैं कि ‘हम सब मिलकर नया जियो बनाएंगे’.

उन्होंने अपने दादा धीरूभाई अंबानी के ‘रोटी, कपड़ा, मकान और मोबाइल’ के सपने को याद किया. आकाश ने वादा किया कि पहले 10 साल में जियो ने डेटा को आम लोगों तक पहुंचाया है. अब अगले 10 सालों में कंपनी एआई , क्लाउड और स्पेस कनेक्टिविटी जैसी हर नई तकनीक को देश के कोनेकोने तक पहुंचाएगी. उनका सपना है कि जब भी दुनिया की सबसे महान टेक्नोलॉजी कंपनियों की गिनती हो, तो उसमें जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का नाम जरूर लिया जाए. अंत में उन्होंने सेबी , एनएसई, बीएसई और सभी निवेशकों से वादा किया कि कंपनी हर दिन उनके भरोसे को और मजबूत करेगी.