Varanasi News: वाराणसी में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 5 दोस्तों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी दोस्त विंध्याचल धाम में मां विंध्यवासिनी के दर्शन करके वाराणसी लौट रहे थे. रास्ते में उन्होंने वाराणसीप्रयागराज हाईवे पर मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के रूपापुर के पास ओवरब्रिज पर अपनी स्कॉर्पियो रोक दी. इसके बाद सभी गाड़ी से उतरकर सेल्फी और फोटो लेने लगे. इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आए एक ट्रक ने स्कॉर्पियो को टक्कर मार दी और वहां खड़े दोस्तों को कुचलता हुआ आगे निकल गया. हादसा इतना भीषण था कि स्कॉर्पियो का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी है.

ओवरब्रिज पर गाड़ी रोककर ले रहे थे सेल्फी
जानकारी के मुताबिक, हादसा बीते सोमवार सुबह करीब 6 बजे जिला मुख्यालय से लगभग 27 किलोमीटर दूर हुआ. सभी दोस्त निखिल के जन्मदिन के मौके पर विंध्याचल धाम दर्शन करने गए थे. दर्शन करने के बाद उन्होंने साथ में फोटो खिंचवाई और वाराणसी लौटने लगे. रास्ते में रूपापुर के पास ओवरब्रिज पर दोस्तों ने अपनी स्कॉर्पियो रोक दी. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। सभी गाड़ी से बाहर निकल आए और ओवरब्रिज पर खड़े होकर तस्वीरें लेने लगे.
इसी दौरान प्रयागराज की तरफ से वाराणसी आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक पीछे से पहुंचा. ट्रक ने पहले स्कॉर्पियो को टक्कर मारी और फिर वहां मौजूद दोस्तों को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद स्कॉर्पियो करीब 30 से 40 मीटर तक घिसटती चली गई. गाड़ी का पिछला हिस्सा बुरी तरह टूट गया. हादसे में पांच दोस्तों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.
हादसे में 5 दोस्तों की मौत, 3 की हालत गंभीर
इस दुर्घटना में आनंद यादव , आलोक मिश्रा , प्रदीप सिंह , विद्वांशु यादव और किशन यादव की मौत हो गई. वहीं, सावन यादव , राजकुमार यादव और निखिल घायल हुए हैं. घायलों को इलाज के लिए वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के कारण कुछ युवक ओवरब्रिज पर गिर गए, जबकि कुछ नीचे जा गिरे. पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एक घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रहा था ट्रक
पुलिस के मुताबिक, ट्रक में सेब लदे हुए थे और वह प्रयागराज से वाराणसी की ओर जा रहा था. उसकी रफ्तार करीब 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे थी. ओवरब्रिज पर अचानक स्कॉर्पियो खड़ी होने और उसके आसपास लोगों के मौजूद रहने के कारण ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और पीछे से टक्कर मार दी. हादसे के बाद चालक घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर ट्रक छोड़कर फरार हो गया.
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि ट्रक चालक की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके. मिर्जामुराद के इंस्पेक्टर गोपालजी कुशवाह ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला है कि कार सवार लोग ओवरब्रिज पर खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे. हालांकि, हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.
किसी की नौकरी लगने वाली थी, तो कोई…
हादसे में जान गंवाने वाले पांचों दोस्तों के परिवारों में मातम पसरा है. आलोक मिश्रा वाराणसी के शिवपुर क्षेत्र के पिसौर के रहने वाले थे. उनके पिता अजय किसान हैं और मां उर्मिला गृहिणी हैं. आलोक तीन भाईबहनों में दूसरे नंबर पर थे. परिवार के मुताबिक, वह 12वीं तक पढ़े थे और पांच दिन बाद जियो कंपनी में नौकरी जॉइन करने वाले थे. विद्वांशु यादव वीडीए कॉलोनी, शिवपुर के रहने वाले थे. वह ठेकेदारी करते थे और पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. तीन भाइयों में वह दूसरे नंबर पर थे.
प्रदीप सिंह चोलापुर के रहने वाले थे और ईकॉमर्स कंपनी मीशो में मैनेजर के पद पर काम करते थे. उनके एक बेटा है. पति की मौत की खबर मिलने के बाद पत्नी सोना का रोरोकर बुरा हाल हो गया. आनंद यादव और किशन यादव भी शिवपुर क्षेत्र के रहने वाले थे. किशन का अभी विवाह नहीं हुआ था. उनके परिवार में एक भाई और एक बहन हैं. वह एक मार्केट के मालिक थे.
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे चंदौली के सांसद
हादसे की जानकारी मिलने के बाद चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे. उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी. इससे पहले समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ भी घटनास्थल पर पहुंचे थे. सोमवार देर शाम आलोक मिश्रा, प्रदीप सिंह, आनंद यादव और विद्वांशु यादव के शवों का मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया. हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है.



