इस यौन समस्या के कारण महिलाओं से दूरी बनाता था हिटलर!


नई दिल्ली। बात जब भी किसी तानाशाह की होती है, तो आज भी सबसे पहला नाम एडोल्फ हिटलर का ही याद आता है। जर्मन के इस तानाशाह ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थी, लेकिन अपनी मौत के कई साल बाद भी हिटलर अक्सर चर्चा में बना रहता है। ऐसा ही कुछ चर्चा हाल ही में जोर पकड़ रही है।

दरअसल, हाल ही में इस तानाशाह को लेकर कुछ ऐसे खुलासे हुए हैं, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल, एक नई इंटरनेशल डॉक्यूमेंट्री में किए गए डीएनए एनालिसिस में यह सामने आया कि जर्मन तानाशाह एडॉल्फ हिटलर एक जेनेटिक बीमारी काल्मन से पीड़ित थे। साथ ही यह भी पता चला कि हिटलर का यहूदी वंश से कोई कनेक्शन नहीं था। आइए जानते हैं इस रिसर्च के बारे में विस्तार से-

ताजा स्टडी में चौंकाने वाले खुलासे
समाचार एजेंसी एएफपी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ल्ड वॉर- 2 के लोकप्रिय गीतों में अक्सर हिटलर की शारीरिक संरचना का मजाक उड़ाया जाता था, लेकिन अब तक ऐसे दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं था। हालांकि, ताजा रिसर्च इन बातों को सच साबित करती नजर आ रही है। इस स्टडी के लिए हिटलर के ब्लड सैंपल का इस्तेमाल किया गया।

कई गुत्थियां सुलझाएगी नई रिसर्च
पॉट्सडैम यूनिवर्सिटी के एलेक्स के ने कहा कि, “अब तक यह कोई समझ नहीं पाया है कि हिटलर जीवन भर महिलाओं से दूरी बनाकर क्यों रखता था या उसने शायद कभी किसी महिला के साथ शारीरिक संबंध क्यों नहीं बनाएं।

ऐसे में रिसर्च के मुताबिक अगर हिटलर सच में इस जेनेटिक बीमारी से पीड़ित था, तो उसके इस व्यवहार से जुड़ी कुछ गुत्थियां सुलझ सकती है। यह शोध नए डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट “Hitler’s DNA: Blueprint of a Dictator” का हिस्सा है, जिसका प्रसारण इस रविवार यानी 16 नवंबर को किया जाएगा।

यहूदी वंशज होने की कहानी मिथक निकली
हम सभी लंबे समय से यही पढ़ते-सुनते आए हैं कि हिटलर यहूदी वंश से ताल्लुक रखता था। हालांकि, इस नई रिसर्च में यह कहानी भी मिथक निकली। दरअसल, लंबे समय से यह अफवाह चली आ रही थी कि हिटलर की दादी के किसी यहूदी परिवार में काम करने के दौरान गर्भवती हो गई थी, जिससे हिटलर को यहूदी वंशज माना जाने लगा।

हालांकि, शोधकर्ताओं ने इस अटकल को गलत साबित करता है, क्योंकि एक्सपर्ट्स की मानें, तो डीएनए का डीएनए उसके परिवार के पुरुषों के वाई क्रोमोसोम डेटा से मैच खाता है। अगर हिटलर का वंश यहूदी होता यानी उसके परिवार से बाहर काल्मन सिंड्रोमकॉलमैनका कोई संबंध होता है, तो डीएनए मेल नहीं होता।

मानसिक समस्याओं के भी मिले साक्ष्य
डीएनए रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि हिटलर में काल्मन की संभावना काफी ज्यादा थी। इसके साथ ही शोधकर्ताओं के अनुसार उसके जेनेटिक प्रोफाइल में ऑटिज्म, स्किजोफ्रेनिया और बाइपोलर डिसऑर्डर जैसी स्थितियों की प्रवृत्ति सामान्य से कहीं ज्यादा पाई गई।

हालांकि, टीम का कहना है कि ऐसी कोई भी स्वास्थ्य या मानसिक स्थिति हिटलर की हिंसक राजनीति, सामूहिक नरसंहार या युद्ध अपराधों का कारण नहीं मानी जा सकती, न ही यह उसके फैसलों का कोई “बहाना” बनती है।

क्या है काल्मन सिंड्रोम?
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक काल्मन सिंड्रोम एक ऐसी समस्या है, जिसमें यौन विकास और गंध की अनुभूति को बढ़ावा देने वाले हार्मोन का प्रोडक्शन प्रभावित होता है। यह देर से प्यूर्बटी का कारण बन सकता है या इसे रोक सकता है। यह सिंड्रोम तब होता है, जब भ्रूण के विकास के दौरान कुछ जीन बदल जाते हैं। कुछ लोगों को ये जीन परिवर्तन विरासत में मिलते हैं, लेकिन ये परिवर्तन बिना किसी ज्ञात कारण के भी हो सकते हैं।

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