
अमेरिका और इजरायल की तरफ से हो रही भीषण बमबारी के बीच ईरान से एक ऐसी तस्वीर निकलकर सामने आई है, जिसने व्हाइट हाउस की बेचैनी बढ़ा दी है. तेहरान के ऐतिहासिक ‘इंकलाब स्क्वायर’ से जो वीडियो और फुटेज सामने आए हैं, उन्हें देखकर शायद डोनाल्ड ट्रंप की रातों की नींद हराम हो जाए. उन्हें अपने प्लान पर फिर से सोचने पर मजबूर होना पड़े. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद दुनिया को लग रहा था कि ईरान घुटने टेक देगा, लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट. खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किए जाने के बाद पूरा ईरान सड़कों पर उतर आया है.
तेहरान से आई फुटेज में साफ दिख रहा है कि इंकलाब स्क्वायर पर तिल रखने की भी जगह नहीं है. लाखों की संख्या में लोग अपने नए नेता मुजतबा खामेनेई के समर्थन में नारे लगा रहे हैं. एक तरफ आसमान से अमेरिकी और इजरायली मिसाइलें बरस रही हैं, धमाकों की गूंज सुनाई दे रही है, और दूसरी तरफ ये जनसैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा.
यह ट्रंप के लिए एक सीधा चैलेंज है. ट्रंप ने हाल ही में मोजतबा खामेनेई को ‘लाइटवेट’ यानी हल्का नेता बताया था और कहा था कि उन्हें ईरान का नया नेता चुनने में दखल देना होगा. लेकिन तेहरान की सड़कों पर उमड़ी यह भीड़ चिल्ला-चिल्लाकर कह रही है कि ईरान अपना फैसला खुद करेगा.
क्यों उड़े हैं ट्रंप के होश?
बमबारी का बेअसर होना: पिछले कई दिनों से अमेरिका और इजरायल ईरान के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं. ट्रंप का मानना था कि भारी दबाव के बाद ईरानी जनता विद्रोह कर देगी या डर जाएगी. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। लेकिन सड़कों पर उमड़ा ये हुजूम बता रहा है कि लोग डरने के बजाय और ज्यादा एकजुट हो गए हैं.
मोजतबा खामेनेई की ताकत: मुजतबा को अब तक पर्दे के पीछे का खिलाड़ी माना जाता था. लेकिन जिस तरह से सेना (IRGC) और आम जनता ने उनके नाम पर मुहर लगाई है, उसने ट्रंप की उस उम्मीद को तोड़ दिया है कि ईरान में सत्ता का संघर्ष होगा और देश अंदर से टूट जाएगा.
तेल और युद्ध की आग: ईरान ने पहले ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने और तेल सप्लाई रोकने की धमकी दी है. अगर मोजतबा के नेतृत्व में ईरान और ज्यादा आक्रामक होता है, तो पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छूने लगेंगे, जिससे ट्रंप की घरेलू राजनीति पर बुरा असर पड़ेगा.
ईरानी बोले- हम झुकेंगे नहीं
सड़कों पर मौजूद लोगों के हाथों में मुजतबा खामेनेई की तस्वीरें हैं. लोग कह रहे हैं कि चाहे कितनी भी बमबारी हो जाए, वे अपने नए ‘रहनुमा’ के साथ खड़े हैं. तेहरान की सड़कों पर एक बुजुर्ग प्रदर्शनकारी ने कहा, ट्रंप को लगता है कि वो मिसाइलों से हमारा हौसला तोड़ देंगे, लेकिन उन्हें ये वीडियो देखना चाहिए. हम कल भी खड़े थे, आज भी खड़े हैं.
इजरायल की बढ़ी टेंशन
सिर्फ ट्रंप ही नहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी यह खतरे की घंटी है. इजरायल ने धमकी दी थी कि जो भी नया सुप्रीम लीडर बनेगा, उसे निशाना बनाया जाएगा. लेकिन मोजतबा खामेनेई को जिस तरह का पब्लिक सपोर्ट मिल रहा है, उससे साफ है कि ईरान की सत्ता पर उनकी पकड़ बहुत मजबूत है और सेना उनके एक इशारे पर किसी भी हद तक जाने को तैयार है. अगर ट्रंप ने इस जनसैलाब की ताकत को कम आंका, तो आने वाले दिन पूरी दुनिया के लिए और भी ज्यादा भारी पड़ सकते हैं. फिलहाल तो तेहरान का ‘इंकलाब स्क्वायर’ गवाह बन रहा है एक ऐसी जंग का, जो सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि हौसलों और भीड़ से भी लड़ी जा रही है.