अपनी हार को समझौता न कहें; शांति की मांग कर रहे डोनाल्ड ट्रंप को ईरान ने चिढ़ाया!


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को जब अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर वार्ता के संकेत दिए तब 25 दिनों से जारी इस भीषण युद्ध के खत्म होने की थोड़ी उम्मीदें जरूर जगी थीं। हालांकि अब ईरान ने यह साफ कर दिया है कि वह समझौते के मूड में बिल्कुल नहीं है। ईरान ने ना सिर्फ अमेरिका के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया है, बल्कि ट्रंप के दावों का खुलेआम मजाक भी उड़ाया है। बुधवार को IRGC के एक प्रवक्ता ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका अपनी हार को समझौते का नाम ना दे।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने अमेरिका को चेतावनी दी कि वह युद्ध हो रहे घटनाक्रमों को एक कूटनीतिक सफलता के तौर पर पेश ना करे। ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी पिछली रणनीतिक और आर्थिक स्थिति को फिर से हासिल नहीं कर पाएगा।

IRGC के प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा, “इस क्षेत्र में आपके निवेश का कोई निशान नहीं बचेगा और ना ही आप ऊर्जा और तेल की पिछली कीमतें फिर कभी देख पाएंगे।” ईरानी प्रवक्ता ने आगे ट्रंप के दावों पर तंज कसते हुए कहा, ”क्या आपके आंतरिक मतभेद इस हद तक पहुंच गए हैं कि आप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं? पहले दिन से ही हमारी पहली और आखिरी बात यही रही है और यही रहेगी: हम जैसे लोग आप जैसे लोगों के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे। ना अभी, ना कभी।”

ईरानी प्रवक्ता ने कहा, ”जिस रणनीतिक ताकत की बात आप किया करते थे, वह अब रणनीतिक विफलता में बदल गई है।” उन्होंने कहा, ”जो देश खुद को वैश्विक महाशक्ति कहता है, अगर संभव होता तो वह इस संकट से अब तक निकल चुका होता। अपनी हार को समझौते का नाम मत दीजिए। खोखले वादों का आपका दौर अब समाप्त हो चुका है।”

खाड़ी देशों को दिया संदेश
IRGC के प्रवक्ता ने क्षेत्रीय देशों से एकजुट होने की भी अपील की। उन्होंने एक सुरक्षा साझेदार के तौर पर अमेरिका की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा, “हमें किसी ऐसे दूरदराज के देश की जरूरत नहीं है जो इजरायल को प्राथमिकता दे और आपके साथ मवेशियों जैसा बर्ताव करे।” खाड़ी में अमेरिका की सुरक्षा प्रतिबद्धताओं पर संदेह जताते हुए, उन्होंने यह भी पूछा, “क्या अमेरिकी आपकी रक्षा में एक भी गोली चलाएंगे?”

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बहुत सकारात्मक बातचीत हुई है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि उन्होंने पेंटागन को निर्देश दिया है कि ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने बातचीत होने से इनकार किया और कहा कि उसे केवल मध्यस्थतों के हवाले से ऐसे संदेश प्राप्त हुए हैं, जिनमें अमेरिका की बातचीत में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की गई थी।

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