Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से अवैध वसूली का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां नौकरी पाने के बाद संविधान की शपथ लेकर कानून के मुताबिक कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रतिबद्धता जताने वाले तीन आरक्षियों पर पोस्टिंग के महज तीन महीने के भीतर ही अवैध वसूली के आरोप लग गए. मामला गाजीपुर के मरदह थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा के पास कथित तौर पर वाहनों से वसूली किए जाने की शिकायत पुलिस अधिकारियों तक पहुंची.

बताया जा रहा है कि तीनों आरक्षी वर्ष 2025 बैच के हैं और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद करीब तीन महीने पहले ही उनकी तैनाती हुई थी. कम समय में ही उनके खिलाफ शिकायतें सामने आने लगीं. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कराई. जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तीनों आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
तीन सिपाही निलंबित
निलंबित किए गए आरक्षियों में अजय सिंह, युवराज सिंह और दीपू के नाम सामने आए हैं. आरोप है कि ये पुलिसकर्मी टोल प्लाजा के आसपास वाहन चालकों से अवैध रूप से धन वसूली करते थे. खास बात यह भी है कि इनमें से एक आरक्षी सोशल मीडिया पर लगातार अपने वीडियो साझा करता था. सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले इस सिपाही की कार्यशैली और उसके खिलाफ सामने आई शिकायतों ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं.
‘अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं’
पुलिस विभाग में भर्ती के समय कानून और संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेने वाले जवानों पर इस तरह के आरोप सामने आना गंभीर मामला है. हालांकि निलंबन के साथ विभागीय कार्रवाई भी आगे बढ़ सकती है. इस कार्रवाई से पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि वर्दी की आड़ में किसी भी तरह की अवैध वसूली या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.



