Featured Image

चंडीगढ़। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की हत्या के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अब मंजीत कौर की मौत से पहले का एक वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो उनकी बहन ने PGI में इलाज के दौरान रिकॉर्ड किया था। वीडियो में मंजीत ने कुछ लोगों के नाम लेते हुए उनके खिलाफ आरोप लगाए हैं। पुलिस ने वीडियो को जांच का हिस्सा बनाया है और उसमें कही गई बातों की सत्यता की पड़ताल शुरू कर दी है।

इलाज के दौरान बनाया गया वीडियो

बताया जा रहा है कि मंजीत कौर का PGI में इलाज चल रहा था। इसी दौरान होश में आने पर उनका वीडियो रिकॉर्ड किया गया। वीडियो में उन्होंने नेहा, शुभी और शुभी के दो दोस्तों के नाम लिए और उनके खिलाफ कुछ आरोप लगाए।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया था। इसके अलावा वीडियो में कही गई बातों की पुष्टि के लिए तकनीकी जांच भी की जा रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि वीडियो में नाम लिए गए लोगों की घटना में कोई भूमिका थी या नहीं।

सेक्टर-34 में मौत होने का दावा

मंजीत कौर के अपहरण और हत्या की जांच में एक और अहम दावा सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आशंका है कि मंजीत की मौत मोरिंडा में नहीं, बल्कि चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में ही हुई थी। आरोप है कि हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को मोरिंडा ले जाकर ठिकाने लगाया गया।

हालांकि, पुलिस अभी इस दावे की तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुष्टि कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मंजीत की मौत वास्तव में कहां हुई और इसके बाद शव को किस रास्ते से ले जाया गया।

नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने का आरोप

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर मंजीत को किसी पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश किया। इसके बाद उस पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, कपूरथला निवासी गिरफ्तार आरोपी परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा ने पूछताछ के दौरान घटनाक्रम से जुड़ी कई जानकारियां दी हैं।

हालांकि पुलिस पिंदा के बयानों को अंतिम तथ्य नहीं मान रही है और उन्हें तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्यों से मिलाया जा रहा है।

पूछताछ में पिंदा ने कथित तौर पर बताया कि मंजीत और मुख्य आरोपी बताए जा रहे रिंकू के बीच पहले से विवाद चल रहा था। विवाद के बाद दोनों सेक्टर-34 पहुंचे, जहां दोबारा हाथापाई हुई। इसके बाद मंजीत को कार में बैठाकर सेक्टर-34 के एक पार्क के पीछे ले जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई और फिर आग लगा दी गई।

मोबाइल डंप और CCTV से सुराग तलाश रही पुलिस

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या सेक्टर-34 का वही स्थान था, जहां मंजीत ने आखिरी सांस ली। इसके लिए जांच टीम इलाके का मोबाइल डंप डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन और CCTV फुटेज खंगाल रही है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात के समय घटनास्थल और आसपास के इलाके में कौन-कौन लोग मौजूद थे। इसके साथ ही घटना के बाद आरोपियों ने किस रास्ते का इस्तेमाल किया, इसकी भी जांच की जा रही है।

ऐप के जरिए मिलने के बहाने बुलाने का आरोप

जांच में एक और अहम कड़ी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, मंजीत को सीधे आरोपियों ने नहीं, बल्कि उसकी महिला मित्र शुभी ने एक ऐप के जरिए संपर्क कर मिलने के बहाने बुलाया था। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शुभी से संपर्क किसने कराया, उसे किसने निर्देश दिए और उसकी भूमिका क्या थी।

शुभी और रिंकू दोनों के फरार होने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि इस हत्याकांड में छह से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। जांच इस एंगल पर भी चल रही है कि किस व्यक्ति ने मंजीत को बुलाने, किसने उसे काबू करने और किसने शव ठिकाने लगाने या आरोपियों को फरार कराने में मदद की।

गर्भावस्था की भी जांच कर रही पुलिस

जांच का एक अहम पहलू मंजीत की गर्भावस्था भी है। बताया जा रहा है कि वह करीब तीन महीने की गर्भवती थी। पुलिस ने आरोपी पिंदा का DNA सैंपल जांच के लिए भेजा है। इसे भ्रूण के DNA से मिलाया जाएगा। जांच के दायरे में आने वाले अन्य संदिग्धों के DNA सैंपल भी लिए जा सकते हैं।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चे का पिता कौन था और क्या मंजीत की गर्भावस्था या बच्चे के पिता से जुड़ा कोई विवाद हत्या की वजह बना। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि मंजीत की गर्भावस्था की जानकारी किन लोगों को थी और क्या इसे लेकर किसी तरह का विवाद चल रहा था।

फिलहाल पुलिस वीडियो, CCTV, मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, DNA और आरोपियों के बयानों को आपस में मिलाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका की तस्वीर साफ हो सकेगी।