Vastu Tips For Kitchen: हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में घर के रसोईघर का बड़ा महत्व है. पूजा रूम के बाद रसोई घर एक बहुत पवित्र जगह है जहां से पूरे घर में सकारात्मकता का संचार होता है. मां अन्नपूर्णा का वास घर के किचन में ही होता है. बहुत से लोग घर में या घर के किचन में जूते या चप्पल पहनकर आतेजाते हैं. खाना पकाते समय भी लोग चप्पल पहन लेते हैं. हालांकि, ध्यान देने वाली बात ये है कि वास्तु अनुसार ऐसा करना सही है या गलत, इस बारे में जानना बहुत जरूरी है.

रसोईघर घर के लोगों की आर्थिक स्थिति और सौभाग्य से गहरा संबंध रखता है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि रसोई घर की पवित्रता बनाए रखें ताकि घर में नकारात्मकता न फैले और परिवार के सदस्यों को कोई परेशानी न हो. आइए जानें किचन में जूतेचप्पल पहनकर जाना वास्तु अनुसार सही है या गलत.

मां अन्नपूर्णा का अपमान हो सकता है
वास्तु शास्त्र की मानें तो रसोई में जूतेचप्पल पहनकर जाना और भोजन पकाना शुभ नहीं माना जाता है. ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा का अपमान होता है. अग्नि देव भी नाराज हो सकते हैं. चप्पल पहनकर खाना बनाने से भोजन अशुद्ध हो सकता है. भोजन की पवित्रता नष्ट हो सकती है. घर में दरिद्रता आ सकती है और संचित धन का नाश होने लगता है.

राहुकेतु और शनि से संबंध
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार पैरों में शनि ग्रह और राहुकेतु का वास होता है. वहीं, रसोईघर मंगल और सूर्य देव से संबंधिक हैं. जैसे ही जूतेचप्पल पहनकर रसोईघर में प्रवेश करते हैं वैसे ही ग्रहों का संतुलन बिगड़ने लगता है. शनि दोष सक्रिय हो सकता है और गृहक्लेश बढ़ सकता है. घर के लोगों का मानसिक तनाव व झगड़ा बढ़ सकता है. परिवार की शांति भी भंग हो सकती है.

अगर चप्पल पहनना जरूरी हो तो क्या करें?
अगर रसोईघर में बिना चप्पल पहनकर जाना ही है तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोईघर के लिए बिल्कुल नई और साफ चप्पल ही पहनें. किचन के चप्पल को सिर्फ और सिर्फ रसोईघर में ही पहनें. उस चप्पल को घर के बाहर या घर के बाथरूम में पहनकर न जाएं.