रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड निवेशकों को एक बड़ी खुशखबरी दी है. जिन निवेशकों ने पांच साल पहले गोल्ड बॉन्ड में पैसा लगाया था, उन्हें बंपर मुनाफा हुआ है. RBI ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की 202122 सीरीज VI के लिए समय से पहले निकासी यानी प्रीमैच्योर रिडेम्पशन की कीमत का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. नियमों के अनुसार जिन लोगों ने 7 सितंबर 2021 को इस सीरीज में निवेश किया था, वे अब 7 सितंबर 2026 से अपना पैसा निकाल सकते हैं. बॉन्ड जारी होने के पांच साल बाद निवेशकों को रिडेम्पशन का विकल्प मिलता है. इन पांच सालों में सोने की कीमतों में आए उछाल के कारण निवेशकों का पैसा कई गुना बढ़ गया है.

निवेश पर मिला छप्परफाड़ रिटर्न

साल 2021 में जब ये सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सीरीज लॉन्च हुई थी, तब ऑनलाइन बॉन्ड खरीदने वालों के लिए एक ग्राम सोने की कीमत 4,682 रुपये तय की गई थी. वहीं ऑफलाइन माध्यम से निवेश करने वालों के लिए ये इश्यू प्राइस 4,732 रुपये प्रति ग्राम था. सरकार ने ऑनलाइन खरीदारी पर 50 रुपये का खास डिस्काउंट दिया था. अब 7 सितंबर 2026 को होने वाले रिडेम्पशन के लिए प्रति यूनिट कीमत 15,334 रुपये तय की गई है. इसका सीधा मतलब है कि ऑनलाइन निवेशकों को प्रति ग्राम 10,652 रुपये का शुद्ध मुनाफा हो रहा है. प्रतिशत के हिसाब से देखें तो ये रिटर्न लगभग 228 फीसदी बैठता है. सीधे शब्दों में कहें तो अगर किसी निवेशक ने लॉन्च के वक्त 1 लाख रुपये का निवेश किया था, तो आज उसकी वैल्यू करीब 3.28 लाख रुपये हो गई है.

कैसे तय हुई रिडेम्पशन कीमत

सवाल उठता है कि RBI ने 15,334 रुपये का सटीक आंकड़ा कैसे निकाला. रिजर्व बैंक के बयान के मुताबिक, रिडेम्पशन कीमत इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी 999 शुद्धता वाले सोने की कीमतों पर आधारित होती है. इसके लिए निकासी की तारीख से ठीक पहले के तीन वर्किंग दिनों की क्लोजिंग प्राइस का साधारण औसत निकाला जाता है. इस सीरीज के मामले में 2 सितंबर, 3 सितंबर और 4 सितंबर 2026 की क्लोजिंग कीमतों का औसत निकालकर 15,334 रुपये की अंतिम कीमत तय की गई है.

सालाना ब्याज का अतिरिक्त फायदा

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भारत सरकार की तरफ से जारी की जाने वाली सरकारी प्रतिभूतियां हैं. ये बॉन्ड फिजिकल गोल्ड रखने का एक सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं. इसमें निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा सिर्फ सोने की बढ़ती कीमत का लाभ मिलना नहीं है, बल्कि इस पर मिलने वाला फिक्स्ड ब्याज भी है. निवेशकों को उनके शुरुआती निवेश की गई रकम पर सालाना 2.50 प्रतिशत का ब्याज मिलता है. ये ब्याज हर छह महीने में सीधे निवेशक के बैंक खाते में क्रेडिट किया जाता है. जब बॉन्ड मैच्योर होता है, तब निवेशकों को अंतिम ब्याज के भुगतान के साथ उनकी मूल रकम वापस मिल जाती है.

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