Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में एक दर्दनाक हादसे ने हंसतेखेलते परिवार को पलभर में उजाड़ दिया. बिसरख कोतवाली क्षेत्र की महागुन माइवुड्स सोसाइटी में 23वीं मंजिल से गिरकर पिता और 11 साल के बेटे की मौत हो गई. जिस घर में सुबह पूजापाठ और खाटू श्याम जाने की तैयारी चल रही थी, वहां कुछ ही पलों में चीखपुकार मच गई. बेटे को बचाने की कोशिश में पिता ने भी अपनी जान गंवा दी. इस हादसे के बाद सोसाइटी के लोग भी सदमे में हैं.

मृतक की पत्नी ने पुलिस को हादसे की पूरी कहानी बताई है. उनके मुताबिक, शुक्रवार सुबह परिवार को खाटू श्याम के दर्शन के लिए निकलना था. इसके अलावा जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ा काम भी होना था. परिवार में सुबह से ही तैयारियां चल रही थीं. किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाएगी.
सुबह पूजा के लिए बेटे को नींद से जगाया था
मृतक रणदीप पात्रा की पत्नी ने पुलिस को बताया कि रणदीप को पूजापाठ का काफी शौक था. वह रोज सुबह जल्दी उठकर पूजा की तैयारी करते थे. शुक्रवार को भी उनका यही रोज का रूटीन था. परिवार को यात्रा पर जाना था, इसलिए सुबह जल्दी उठने की तैयारी थी. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। रणदीप ने सुबह अपने 11 साल के बेटे आरव को नींद से जगाया और पूजा के लिए फूल तोड़ने को कहा. इसके बाद पत्नी भी उठ गईं और नाश्ता बनाने की तैयारी में लग गईं. पिता और बेटा बालकनी में लगे पौधों से फूल तोड़ने चले गए. इसी दौरान अचानक आरव की जोरदार चीख सुनाई दी.
बेटे को बचाने दौड़े पिता, दोनों 23वीं मंजिल से गिरे
एसीपी पवन कुमार के मुताबिक, परिवार की ओर से दी गई जानकारी में सामने आया है कि बालकनी में पौधों और बेलों के बीच फूल लगे हुए थे. फूल तोड़ने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल किया जा रहा था. आशंका है कि सुबह नींद से उठने के कारण आरव का ध्यान बालकनी के फर्श पर मौजूद पानी और फिसलन पर नहीं गया.
बताया जा रहा कि आरव सीढ़ी पर चढ़कर बालकनी की रेलिंग के पास लगे फूल तोड़ने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह बाहर की तरफ गिरकर रेलिंग पर लटक गया. बेटे को इस हालत में देखकर रणदीप घबरा गए. उन्होंने तुरंत उसे पकड़कर ऊपर खींचने की कोशिश की. इसी दौरान रणदीप का पैर भी फिसल गया. देखते ही देखते पिता और बेटा दोनों 23वीं मंजिल से नीचे गिर गए. उस समय पत्नी रसोई में नाश्ता तैयार कर रही थीं. अचानक चीख सुनकर वह बालकनी की तरफ दौड़ीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
दिल्ली सचिवालय में सेक्शन ऑफिसर थे रणदीप
रणदीप पात्रा की उम्र करीब 40 साल थी. वह दिल्ली के केंद्रीय सचिवालय में सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे. उनका 11 वर्षीय बेटा आरव गौर इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ता था. शुक्रवार सुबह करीब 4:15 बजे हुए इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मामले में पुलिस परिवार के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है.
खाटू श्याम जाने की थी तैयारी, घर में पसरा मातम
इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. जिस परिवार को कुछ घंटों बाद खाटू श्याम के दर्शन के लिए निकलना था, उसकी खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं. सोसाइटी के निवासी भी इस घटना से हैरान और दुखी हैं. लोगों का कहना है कि पिता अपने बेटे को बचाने के लिए दौड़े थे, लेकिन इस कोशिश में दोनों की जान चली गई.



