वो कहावत तो आपने जरूर सुनी होगी कि जमाने के साथ चलना है तो अपने आप को अपडेट करते रहना होगा. ये कहावत आज के AI के दौर में बिल्कुल फिट बैठती है. दरअसल आईटी, ईकॉमर्स, डेटा एंट्री, बैक ऑफिस समेत कई ऐसे सेक्टर हैं जहां AI की वजह से लोगों की नौकरियां गई है. अभी हाल की की बात करें तो माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनी ने भी लोगों को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का प्लान दिया था.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन में AI के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से माइक्रोसॉफ्ट अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जिसने नौकरियां कम की हैं. इसके अलावा और भी कई कंपनियां हैं जिन्होंने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है. तो अब ऐसे में सवाल है कि आपके पास ऐसी कौन सी स्किल्स होनी चाहिए जिसके दम पर आप करियर को आगे बढाते रह सकते हैं.
Layoff due to AI
क्या AI ही बनेगा हथियार
ऐसा नहीं है कि AI केवल नौकरियां छीन रहा है बल्कि अगर आपने वो स्किल्स डेवलप कर लिए तो आप करोड़ों का पैकेज पा सकते है. अभी हाल ही में AI कंपनी Claude AI ने लिंक्डइन पर एक वैकेंसी निकाली थी. जिसका पैकेज करोड़ों में था. वहीं कई ऐसे सेक्टर्स हैं जहां AI की वजह से रोजगार के अवसर बढ़ रहे है. आइए आपको विस्तार से समझाते हैं कि कैसे AI एक तरफ नौकरियां छीन रहा है तो वहीं दूसरी तरफ लोगों के लिए सबसे बड़ा हथियार बनकर भी सामने आ रहा है.
आखिर क्यों जा रही हैं नौकरियां
दरअसल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब केवल टेक्नोलॉजी कंपनियों तक सीमित नहीं है. बैंकिंग, मीडिया, मार्केटिंग, कस्टमर सर्विस, शिक्षा और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर्स में भी इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है. और सबसे बड़ी बात है कि AI की मदद से कंपनियां कम समय में ज्यादा काम कर सकती हैं, डेटा का विश्लेषण कर सकती हैं और कई ऐसे काम ऑटोमेट कर सकती हैं, जिनमें पहले कर्मचारियों का काफी समय लगता था. इस वजह से लोगों की नौकरियों या तो जा रही हैं या तलवार अटकी हैं. एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने चेतावनी दी कि 2030 तक AI एंट्रीलेवल की करीब आधी व्हाइटकॉलर नौकरियों को खत्म कर सकता है.तो वहीं माइक्रोसॉफ्ट के कोफाउंडर बिल गेट्स भी कह चुके हैं कि अगर सरकारों ने सही नीतियां नहीं बनाईं, तो अगले एक दशक में नौकरियों की संख्या में बड़ी कमी आ सकती है.
काम करने के तरीके में करना होगा बदलाव
AI के इस दौर में आपको अपने काम करने के तरीके में बदलाव करना होगा साथ ही नई स्किल्स सीखना होगा. विश्व आर्थिक मंच की Future of Jobs Report के मुताबिक, 2030 तक मौजूदा और नई नौकरियों को मिलाकर 17 करोड़ नए रोजगार पैदा होने और 9.2 करोड़ मौजूदा नौकरियों के विस्थापित होने का अनुमान है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों का अंतर 7.8 करोड़ नौकरियों की शुद्ध वृद्धि के बराबर है. मतलब 9.2 करोड़ लोगों की नोकरियां विस्थापित होने के बाद भी मार्केट में 7.8 करोड़ नौकरियां मौजूद रहेंगी. WEF की रिपोर्ट के मुताबिक कई नौकरियों में कुछ काम ऑटोमेट हो सकते हैं, जबकि कुछ में इंसानी विशेषज्ञता की जरूरत बनी रहेगी. साथ ही, AI को समझने और उसका सही इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं.
किन सेक्टर में नौकरी जाने का सबसे ज्यादा खतरा
डेटा एंट्री और बैक ऑफिस डेटा एंट्री, दस्तावेजों से जानकारी निकालना, रिकॉर्ड अपडेट करना और सामान्य रिपोर्ट तैयार करना जैसे काम AI टूल्स से तेजी से किए जा सकते हैं। इससे इन कामों में केवल मैन्युअल एंट्री करने वाले कर्मचारियों की भूमिका बदल सकती है.
कस्टमर सर्विस चैटबॉट और AI वॉइस असिस्टेंट ग्राहकों के सामान्य सवालों का जवाब दे सकते हैं. ऑर्डर की स्थिति बताना, सामान्य शिकायत दर्ज करना और बुनियादी जानकारी देना जैसे काम ऑटोमेट हो सकते हैं. इसलिए इस यहां सबसे तेजी से बदलाव दिख रहा है.
अकाउंटिंग और फाइनेंस ऑपरेशन इनवॉइस प्रोसेसिंग, खर्चों का वर्गीकरण, सामान्य वित्तीय रिपोर्ट और डेटा मिलान जैसे काम ऑटोमेशन से प्रभावित हो सकते हैं लेकिन जो लोग टैक्स के फील्ड में मास्टर है उनपर असर नहीं होगा. क्योंकिं AI के जरिए टैक्स संबधी जटिल फैसले लेना मुश्किल हो सकता है.
क्या वाकई खत्म हो जाएंगी नौकरियां या बदल जाएगा काम का तरीका
AI की वजह से सभी नौकरियां खत्म हो जाएंगी ऐसा बिल्कुल भी नहीं बस काम करने का तरीका बदल जाएगा. इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन की स्टडी के मुताबिक जनरेटिव AI के संपर्क में आने वाले अधिकांश पेशों में पूरी नौकरी खत्म होने के बजाय काम की प्रकृति बदलने की संभावना अधिक है. लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की एक रिसर्च में AI और रोजगार से जुड़ी 74 स्टडीज का रिव्यू किया गया. इससे साफ है कि AI से कितनी नौकरियां जाएंगी इसका कोई एक तय आंकड़ा नहीं है.
इन सेक्टर्स में मिलेंगे रोजगार के अवसर
AI की वजह से एक ओर कई सेक्टर्स में जहां नौकरियां जा रही हैं या जा सकती हैं वही कई ऐसे सेक्टर्स हैं जहां रोजगार की संभावनाएं बढ़ने के आसार हैं. इनमें AI और मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, AI इम्प्लीमेंटेशन और ऑटोमेशन शामिल है. वहीं मार्केटिंग, सेल्स, फाइनेंस जैसे फील्ड में काम करने वालों पर भी AI का असर उतना नहीं होगा जितना कि इंजीनियर्स और दूसरों पर.
क्या AI सीखने वालों को आसानी से मिलेगी नौकरी
लिंक्डइन की 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लिंक्डइन प्लेटफॉर्म पर AI लिटरेसी स्किल्स दर्ज करने वाले सदस्यों के नौकरी पर रखे जाने की संभावना उन सदस्यों से 78% अधिक थी, जिनकी प्रोफाइल में ऐसी स्किल्स दर्ज नहीं थीं. यह लिंक्डइन के अपने डेटा पर आधारित संबंध है. मतलब अगर आप अपने काम के लिए AI का इस्तेमाल बेहतर तरीके से करना जानते हैं तो आपके नौकरी मिलने की संभावना ज्यादा है. अब सवाल है कि है क्या अपनी मौजूदा विशेषज्ञता को और मजबूत बनाया जाए, AI टूल्स की समझ विकसित की जाए और बदलती जरूरतों के अनुसार नई स्किल्स सीखी जाएं. अगर आपको भी जमाने के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। तो आपको इस नई विधा को सीखना होगा और जिस काम में भी आप हैं उसमें इसका सही इस्तेमाल करके आप आगे बढ़ते रह सकते है.



