Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर इस मामले को लेकर न्यायालय में सुनवाई की प्रक्रिया जारी है, तो दूसरी ओर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़े बदलाव की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। इस बीच ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय इस्तीफा देने के तीसरे दिन दिल्ली पहुंच गए हैं, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार
राम मंदिर चढ़ावा मामले में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्वीकार नहीं किया। शीर्ष अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए पूछा, इतनी जल्दबाजी क्यों? इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता की तत्काल सुनवाई की मांग खारिज कर दी।वहीं, इस मामले से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की प्रक्रिया अलग से जारी है।
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— Bansal News Official June 29, 2026
चंपत राय दिल्ली रवाना, 11 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद चंपत राय रविवार शाम अयोध्या से दिल्ली रवाना हो गए। सूत्रों के मुताबिक वे 11 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में शामिल हो सकते हैं। इसी बैठक में उनके इस्तीफे पर अंतिम फैसला लिया जाना है। चंपत राय ने शुक्रवार को अपना इस्तीफा सौंपा था। हालांकि ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि इस्तीफे को स्वीकार करने या उस पर निर्णय लेने का अधिकार ट्रस्ट की बैठक में ही होगा।
RSS भी कर रहा पूरे मामले की समीक्षा
सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के निर्देश पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार अयोध्या पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि वे साधुसंतों, महंतों और मंदिर से जुड़े प्रमुख लोगों से लगातार मुलाकात कर फीडबैक ले रहे हैं।
ट्रस्ट के पुनर्गठन की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट में नई व्यवस्था लागू करने पर भी विचार चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद ट्रस्ट के पुनर्गठन को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। चर्चा है कि नई व्यवस्था में अयोध्या के संतों और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को भी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
CBI जांच और CAG ऑडिट की मांग
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर दायर जनहित याचिकाओं में कई महत्वपूर्ण मांगें की गई हैं। इनमें मामले की CBI जांच, उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग का गठन और चढ़ावे के हिसाबकिताब का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक से ऑडिट कराने की मांग शामिल है।
इस्तीफे पर सवाल भी उठ रहे
चढ़ावा मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दोनों ने इस्तीफा तो दे दिया है, लेकिन उस पर फैसला 11 जुलाई की बैठक तक टाल दिया गया है। इसी को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं कि जब मामला इतना गंभीर है तो इस्तीफे पर तत्काल निर्णय लेने के बजाय बैठक का इंतजार क्यों किया जा रहा है। हालांकि ट्रस्ट का कहना है कि नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में ही लिया जाता है।
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क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया। इसके बाद ट्रस्ट के दो प्रमुख पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया। अब पूरे मामले की जांच, न्यायिक प्रक्रिया और ट्रस्ट में संभावित बदलावों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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