Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आधुनिक सुविधाओं और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण अपनी पहली समेकित गेटेड सिटी विकसित कर रहा है. कल्लीपुर क्षेत्र में विकसित की जा रही आनंद काशी आवासीय योजना का काम विभिन्न चरणों में तेजी से आगे बढ़ रहा है. करीब 4,56,398.69 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित होने वाली इस टाउनशिप में सुव्यवस्थित आवासीय विकास के साथ आधुनिक नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है.

योजना के पहले चरण में कुल 1,004 आवासीय प्लॉट विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा तीन ग्रुप हाउसिंग भूखंड, 108 व्यावसायिक भूखंड, एक शैक्षणिक भूखंड, एक हेल्थकेयर भूखंड, एक कम्युनिटी सेंटर और दो यूटिलिटी भूखंड भी प्रस्तावित हैं. आवासीय प्लॉट 72, 162, 200 और 288 वर्गमीटर की चार श्रेणियों में होंगे.

सड़क से लेकर सीवरेज तक आधुनिक सुविधाएं

आनंद काशी में बेहतर आवागमन के लिए 24, 18, 12 और 9 मीटर चौड़ी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है. इसके साथ ही जलापूर्ति, सीवरेज, विद्युत व्यवस्था और वर्षा जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है. प्राधिकरण का उद्देश्य टाउनशिप को आधुनिक और सुव्यवस्थित आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित करना है.

2 हेक्टेयर में बनेगा सेंट्रल पार्क

टाउनशिप का प्रमुख आकर्षण करीब 2 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित होने वाला केंद्रीय पार्क होगा. पार्क में नटराज की भव्य प्रतिमा और जल फव्वारे से सुसज्जित केंद्रीय प्लाजा बनाया जाएगा. इसके अलावा ओपन लॉन, एम्फीथिएटर, बच्चों के लिए प्ले एरिया, मेडिटेशन गार्डन, सीनियर सिटीजन जोन, फ्लावर गार्डन, जॉगिंग ट्रैक और पैदल पथ जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी.

पार्क के आसपास पैदलअनुकूल मार्केट प्लाजा और व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है. टाउनशिप को पार्क से जोड़ने के लिए चार प्रमुख पैदल प्रवेश द्वार प्रस्तावित हैं.

पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

योजना में हरित क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। कुल क्षेत्रफल का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन एरिया के रूप में विकसित किया जाएगा. वहीं, बाउंड्री के पास करीब 3.71 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से सघन वन विकसित करने की योजना है. इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण के साथ टाउनशिप में हरियाली बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा.

वीडीए के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के मुताबिक, करीब 30 वर्षों बाद प्राधिकरण की ओर से विकसित की जा रही यह पहली समेकित गेटेड सिटी है. योजना में काशी की सांस्कृतिक और वैदिक विरासत को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. योजना का रेरा पंजीकरण अंतिम चरण में है और माह के अंत तक पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.