: कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड में पुलिस जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। मृतक विनीत मिनोचा की बहू शालू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, शालू को हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी माना जा रहा है।

ससुर की मौत पर रोती रही शालू

हत्या के बाद शालू ससुर की मौत पर फूटफूटकर रोती हुई दिखाई दी थीं। शुरुआत में पुलिस को लगा कि बदमाशों ने घर में घुसकर हत्या की है। लेकिन सीसीटीवी फुटेज , मोबाइल संपर्क और पूछताछ के बाद पुलिस को परिवार के अंदर साजिश का शक हुआ।

पुराने नौकर ने दिया हत्या को अंजाम

पुलिस के मुताबिक, विनीत का पुराना नौकर विशाल अपने साथी राजकिशोर के साथ डुप्लीकेट चाबी से फ्लैट में दाखिल हुआ था। परिवार के पार्टी के लिए बाहर जाने के करीब 10 मिनट बाद दोनों अंदर पहुंचे और विनीत के लौटने का इंतजार किया। पुलिस का दावा है कि दोनों ने करीब सवा घंटे तक घर में छिपकर इंतजार किया।

₹6 लाख में तय हुई सुपारी

जांच में पुलिस के सामने कथित तौर पर सुपारी किलिंग की बात सामने आई है। आरोप है कि विनीत की हत्या के लिए ₹6 लाख तय किए गए थे। इसमें ₹2 लाख हत्या के बाद और बाकी ₹4 लाख बाद में देने की बात थी। पुलिस हत्या के पीछे संपत्ति और परिवार में खर्च को लेकर विवाद की जांच कर रही है।

हार्ट अटैक जैसा दिखाने की थी योजना

पुलिस के अनुसार, पहले विनीत की हत्या को प्राकृतिक मौत या हार्ट अटैक जैसा दिखाने की योजना थी। लेकिन विनीत के बच्चों के कमरे में पहुंचने पर वहां छिपे दोनों आरोपियों से उनका सामना हो गया। इसके बाद आरोपियों ने चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी।

शालू समेत तीन आरोपी जांच के घेरे में

पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं विशाल और राजकिशोर पर हत्या को अंजाम देने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी, कॉल डिटेल और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। हालांकि, पुलिस के आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होनी बाकी है।

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