गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच चल रहा विवाद अब एक और मोड़ पर पहुंच गया है। सुनीता के हालिया बयानों के बाद, जिनमें उन्होंने गोविंदा की नई फिल्म की कोस्टार और डेब्यूटेंट अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार के साथ उनकी नजदीकियों पर सवाल उठाए थे, अब अभिनेता ने सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखी है। 62 साल के गोविंदा ने एक वायरल वीडियो में सुनीता को सीधे तौर पर जवाब देते हुए आरोप लगाया कि वह उनके मौजूदा काम में हस्तक्षेप कर रही हैं और ऐसे बयान दे रही हैं, जिनसे उनकी छवि और काम दोनों को नुकसान पहुंच सकता है। बातचीत का अंदाज काफी तीखा रहा, लेकिन गोविंदा ने कई जगह इसे अपनी तरफ से समझाने की कोशिश भी की।

गोविंदा ने अपने जवाब में कहा कि वह हर वह काम स्वीकार नहीं करते जो उनके पास आता है, लेकिन जिस प्रोजेक्ट पर वह फिलहाल काम कर रहे हैं, उसमें सुनीता की ओर से लगातार दखल दिया जा रहा है। उन्होंने सुनीता के पुराने काम का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह अपने कार्यक्रम कर रही थीं, चाहे वह उनका फूड शो हो या लॉकडाउन के दौरान किया गया काम, तब उन्होंने अपने संपर्कों के जरिए गोविंदा को भी उन कार्यक्रमों में बुलाया था और उनसे सहयोग लिया था। अभिनेता ने यह भी कहा कि उस समय ऐसा करना उनका अधिकार था। गोविंदा का इशारा सुनीता की रियलिटी शो ‘मां है ना’ और ‘लॉक अप सीजन 2’ में भागीदारी की ओर था। इसके बाद अभिनेता ने सीधे अपनी मौजूदा फिल्म का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि अब जब उन्होंने फिल्म शुरू की है, तब ऐसा लग रहा है कि उनकी पत्नी कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं ताकि वह लोगों की नजरों में अपनी जगह खो दें, बदनाम हों या उनके बिजनेस को नुकसान पहुंचे।

गोविंदा ने अपनी बात को सिर्फ निजी विवाद तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में आने वाले ऐसे लोग, जो साधारण या कम साधनों वाले परिवारों से आते हैं, उन्हें इस तरह शर्मिंदा नहीं किया जाना चाहिए कि वे डर जाएं या अपना काम छोड़ने के बारे में सोचने लगें। अभिनेता ने सुनीता की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पास प्रभाव, पहचान, सम्मान, पैसा और ताकत है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जिन लोगों के पास ये चीजें कम हैं, उन्हें नीचा दिखाया जाए। गोविंदा की यह बात खास तौर पर इंडस्ट्री में नए कलाकारों और उनके साथ काम करने के तरीके को लेकर कही गई। हालांकि, उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम लेकर इस आरोप को विस्तार से नहीं समझाया।

सुनीता की आलोचना का एक बड़ा हिस्सा गोविंदा की उम्र और उनसे कम उम्र की अभिनेत्रियों के साथ उनकी जोड़ी को लेकर था। इस पर भी अभिनेता ने अपनी बात साफ रखने की कोशिश की। गोविंदा ने कहा कि देश के कई बड़े अभिनेताओं ने अपने करियर में युवा अभिनेत्रियों के साथ काम किया है। उनके मुताबिक, इन अभिनेत्रियों को फिल्मों के जरिए नाम, पहचान और सम्मान मिला, जबकि कलाकारों ने अपनी स्क्रीन इमेज के मुताबिक युवा नजर आने का काम जारी रखा। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि आखिर वह क्यों नहीं दिख सकते कि वह अभी भी युवा कलाकार की तरह स्क्रीन पर नजर आएं। यानी गोविंदा का तर्क साफ था—फिल्मों में उम्र का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि कलाकार किस तरह के किरदार या किस उम्र के कोस्टार के साथ काम कर सकता है।

गोविंदा ने अपने बयान में एक कथित ग्रुप या गैंग का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि सुनीता के पीछे मौजूद लोगों के बारे में हर कोई जानता है और उन्हें लगता है कि आने वाले समय में इस पूरे मामले की सच्चाई ज्यादा खुलकर सामने आएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो यह सुनीता के लिए भी अच्छा नहीं होगा। हालांकि, गोविंदा ने इस कथित ग्रुप के बारे में कोई नाम या ठोस जानकारी सार्वजनिक नहीं की। बयान के आखिर में गोविंदा का लहजा कुछ हद तक अपील वाला हो गया। उन्होंने सुनीता से कहा कि भविष्य में ऐसा वक्त भी आ सकता है जब उन्हें किसी न किसी मौके पर गोविंदा की जरूरत पड़े। इसी आधार पर उन्होंने उनसे अनुरोध किया कि पॉडकास्ट या सार्वजनिक मंचों पर इस तरह के बयान देकर उनकी बेइज्जती न करें। अभिनेता ने सुनीता से कहा कि उन्हें अपनी कुछ सीमाएं बनाए रखनी चाहिए।

दरअसल, विवाद की शुरुआत 14 अगस्त को हुई थी, जब सुनीता आहूजा को मुंबई में पैपराजी ने स्पॉट किया था। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। उनसे गोविंदा के एयरपोर्ट पर कोमल रानी स्वर्णकार के साथ नजर आने और अपनी आने वाली फिल्म के प्रमोशन से जुड़े सवाल पूछे गए थे। सुनीता ने इस पर काफी बेबाक अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पहले कहा कि फिल्म बननी भी तो चाहिए, क्योंकि प्रमोशन फिल्म तैयार होने के बाद होता है। इसके बाद उनका निशाना सीधे गोविंदा पर था। उन्होंने कहा कि वह ऐसी लड़की के साथ घूम रहे हैं, जिसकी उम्र उनकी बेटी के आसपास है और उन्हें इस बात पर थोड़ा शर्म महसूस करनी चाहिए। सुनीता ने यह भी कहा कि व्यक्ति का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और इसके बाद गोविंदा का जवाब सामने आया।