नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऑफिस और घर की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं है। खासकर कामकाजी लोगों के लिए समय पर ऑफिस का काम पूरा करना, परिवार को समय देना और घरेलू जिम्मेदारियों को निभाना कई बार मानसिक तनाव का कारण बन जाता है। लगातार बढ़ता वर्कलोड, समय की कमी और निजी जिंदगी के लिए पर्याप्त समय न मिल पाना धीरेधीरे मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालने लगता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक तनाव में रहने से चिड़चिड़ापन, नींद की कमी, थकान, एकाग्रता में गिरावट और काम के प्रति उत्साह कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि व्यक्ति अपनी व्यस्त दिनचर्या के बीच मानसिक सेहत को भी प्राथमिकता दे।
1. काम और निजी जिंदगी के बीच बनाएं संतुलन
ऑफिस के काम को घर तक ले जाने से बचें। काम के घंटे तय करें और कोशिश करें कि ऑफिस का काम निर्धारित समय में पूरा हो। परिवार के साथ समय बिताते समय काम से जुड़ी चिंताओं को कुछ देर के लिए दूर रखें।
2. रोजाना करें योग और एक्सरसाइज
शारीरिक गतिविधियां मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। रोजाना 20 से 30 मिनट टहलना, योग करना या हल्की एक्सरसाइज करना तनाव कम करने और मूड बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
3. नींद से न करें समझौता
अच्छी नींद मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहद जरूरी है। देर रात तक मोबाइल चलाने और काम करने की आदत से बचें। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। रोजाना पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें, ताकि शरीर और दिमाग को आराम मिल सके।
4. अपने लिए भी निकालें समय
दूसरों की जिम्मेदारियां निभाने के साथ खुद का ध्यान रखना भी जरूरी है। दिन में कुछ समय अपनी पसंद की गतिविधियों जैसे किताब पढ़ना, संगीत सुनना, बागवानी करना या किसी शौक को पूरा करने में बिताएं।
5. जिम्मेदारियों को अकेले न उठाएं
घर और ऑफिस की सभी जिम्मेदारियां खुद निभाने की कोशिश तनाव बढ़ा सकती है। परिवार के सदस्यों के साथ काम बांटें और जरूरत पड़ने पर सहयोग मांगने से पीछे न हटें।
6. मोबाइल और सोशल मीडिया से लें ब्रेक
लगातार मोबाइल और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने से दिमाग को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। दिन में कुछ समय डिजिटल डिटॉक्स के लिए निकालें और सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करें।
7. अपनी परेशानियां अपनों से साझा करें
तनाव और चिंता को मन में दबाकर रखने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें। यदि मानसिक परेशानी लंबे समय तक बनी रहती है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगती है, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेने में संकोच न करें।
मानसिक सेहत को दें सबसे ज्यादा प्राथमिकता
ऑफिस और परिवार दोनों महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इन जिम्मेदारियों को निभाने के लिए आपका स्वस्थ रहना भी उतना ही जरूरी है। छोटीछोटी अच्छी आदतें, नियमित दिनचर्या और खुद के लिए समय निकालकर तनाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। याद रखें, खुद का ख्याल रखना स्वार्थ नहीं, बल्कि बेहतर जिंदगी जीने की पहली शर्त है।



