आज यानी 17 अक्तूबर 2026 को सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, सूर्य का यह राशि परिवर्तन शाम 7 बजकर 57 मिनट पर होगा। ज्योतिष शास्त्र में तुला को सूर्य की नीच राशि माना जाता है।

इस समय कुंभ राशि में स्थित शनि के साथ सूर्य का षडाष्टक योग बनाएंगे। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस योग का प्रभाव कुछ राशि के जातकों के कार्यक्षेत्र, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन पर पड़ सकता है।

इन राशियों के लोगों को जरुरी फैसले लेते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। आइए आपको बताते हैं कौन हैं ये लकी राशियां जिनकों सतर्क रहने की जरुरत है और क्या उपाय कर सकते हैं।

वृषभ राशि

इस समय वृषभ राशि के जातकों को अपने व्यवहार और आर्थिक फैसलों पर विशेष ध्यान की जरुरत होती है।

वर्क प्लेस पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचारों का टकराव होना तय है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इसलिए जरुरत से ज्यादा बहस से दूर रहें।

आर्थिक मामलों में जल्दबाजी करने से जरुर बचें।

हेल्थ के लिहाज से भी अपनी दिनचर्या का ध्यान रखना काफी जरुरी है।

उपाय वृषभ राशि के जातकों को भगवान शिव की आराधना करना जरुरी है और शिव चालीसा का पाठ करें।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर करियर और व्यक्तिगत जीवन में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

वर्क के चलते जिम्मेदारियां बढ़ेगी, जिससे आपको मानसिक दबाव महसूस हो सकता है।

जो लोग पार्टनरशिप में व्यापार करने वाले लोग लेनदेन और व्यावसायिक समझौतों में पारदर्शिता बनाए रखने की जरुरत है।

इस समय जोखिम भरे निवेश और सट्टेबाजी से दूरी बनाकर चलें।

बातचीत के समय थोड़ा संयम जरुर बरतें और दूसरो की बातों जरुर समझें।

उपाय तुला राशि के लोगों को हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

मीन राशि

इस अवधि में मीन राशि के लोगों को करियर और धन के मामले में सोचसमझकर कदम उठाने की जरुरत हो सकती है।
 
नौकरी में प्रमोशन या मनचाह परिणाम मिलने में देरी होने से निराशा महसूस हो सकती है।

लेकिन, धैर्य बनाए रखने और अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना सबसे श्रेष्ठ है।

अचानक से बढ़ने वाला खर्च बजट को प्रभावित कर सकता है, इसलिए गैरजरुरी खरीदारी से बचें।

  कानूनी मामलों से संबंधित लोगों को दस्तावेजों और जरुरी प्रक्रियाओं पर ध्यान देना चाहिए।

उपाय: मीन राशि के जातक सूर्य देव की उपासना करें और सूर्य मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें।