Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर और उन्नाव जिले को जोड़ने वाले लखनऊकानपुर मार्ग पर स्थित करीब 50 साल पुराना गंगापुल अब गंभीर मरम्मत की मांग कर रहा है. राष्ट्रीय राजमार्ग25 पर बने इस पुल की हालत लगातार खराब होती जा रही है. पुल की सड़क पर जगहजगह बड़ेबड़े गड्ढे हैं और कई हिस्सों में सरिया डामर की परत छोड़कर बाहर निकल आई है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। वहीं, पुल के पिलरों और गर्डर में भी कंपन की समस्या सामने आ रही है. ऐसे में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसकी व्यापक मरम्मत के लिए पुल को करीब 90 दिनों तक बंद रखने की अनुमति मांगी है.

करीब 712.23 मीटर लंबे इस पुल से रोजाना 40 हजार से अधिक छोटेबड़े वाहन गुजरते हैं. जाजमऊ औद्योगिक क्षेत्र के कारण यह मार्ग कानपुर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इसी रास्ते से औद्योगिक इकाइयों के लिए कच्चा माल पहुंचता है और तैयार माल भी बाजारों तक भेजा जाता है. ऐसे में पुल को लंबे समय तक बंद रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है.

क्या है पूरा प्लान?

पुल की सबसे बड़ी समस्या इसकी बेयरिंग को लेकर बताई जा रही है. गर्डर और पिलर के बीच लगी बेयरिंग समय के साथ पूरी तरह घिस चुकी है. भारी वाहनों के गुजरने पर पुल में कंपन बढ़ जाता है. अधिकारियों का मानना है कि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो पुल की संरचनात्मक स्थिति पर इसका असर पड़ सकता है और उसकी उम्र भी कम हो सकती है.

मरम्मत योजना के तहत पुल के गर्डर को उठाकर पुरानी बेयरिंग बदली जाएगी. इसके अलावा सड़क के गड्ढों और पुल के ऊपरी हिस्से की भी मरम्मत की जाएगी. विशेष माइक्रो कंक्रीट से क्षतिग्रस्त हिस्सों को मजबूत करने का काम प्रस्तावित है. मरम्मत पूरी होने के बाद करीब 28 दिन तक क्यूरिंग की प्रक्रिया चलेगी. इस दौरान पुल पर किसी भी तरह का यातायात नहीं चलाया जा सकेगा.

ट्रैफिक डायवर्जन से बढ़ेगी जाम की समस्या

दिलचस्प बात यह है कि पुल के कानपुर छोर पर कुछ समय पहले ‘वेलकम कानपुर का सौंदर्यीकरण कराया गया था. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के निर्देश पर कानपुर की पहचान और गरिमा के अनुरूप पुल के इस हिस्से को सजाने पर नगर निगम ने करोड़ों रुपये खर्च किए थे.

अब सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक डायवर्जन की है. पुल बंद होने की स्थिति में हजारों वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजारना होगा. कानपुर ट्रैफिक विभाग दूसरे रास्तों पर दबाव और जाम की स्थिति को देखते हुए डायवर्जन की कार्ययोजना तैयार कर रहा है. NHAI की अनुमति और अंतिम कार्यक्रम तय होने के बाद मरम्मत कार्य शुरू होने की उम्मीद है.