अभिनेता रणवीर शौरी को कॉकरोच जनता पार्टी के सड़क प्रदर्शन की खुले तौर पर आलोचना करना भारी पड़ गया है। सोशल मीडिया पर विरोध जताने के बाद अभिनेता को जान से मारने की धमकियां मिली हैं, जिसके बाद उन्होंने मुंबई पुलिस और साइबर सेल में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने X पर धमकी भरे ईमेल के स्क्रीनशॉट शेयर किए और साइबर अधिकारियों व मुंबई पुलिस से मदद मांगी।

एक ईमेल, जो कथित तौर पर राज परिहार नाम के व्यक्ति ने भेजा था, उसमें अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया था और दावा किया गया था कि भेजने वाला शौरी की लोकेशन और गतिविधियों पर नज़र रख रहा है। भेजने वाले ने अपनी पसंद के समय पर एक्टर पर हमला करने की धमकी भी दी।

शौरी ने अपनी पोस्ट में साइबर दोस्त और महाराष्ट्र साइबर को टैग किया और उनका ध्यान इन ईमेल की ओर खींचा। उन्होंने लिखा, “हेलो @Cyberdost @MahaCyber1। कृपया इन 2 ईमेल अकाउंट से मुझे मिली धमकियों पर ध्यान दें। धन्यवाद।”

मुंबई पुलिस ने उनकी पोस्ट का जवाब दिया और उनसे डायरेक्ट मैसेज के ज़रिए अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स शेयर करने को कहा। शौरी ने तुरंत जवाब देने के लिए पुलिस का शुक्रिया अदा किया और धमकियों के बारे में आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई।

रणवीर शौरी ने CJP के विरोध प्रदर्शन की आलोचना क्यों की?
ये धमकियां तब मिलीं जब शौरी ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन करने के CJP के फ़ैसले पर सवाल उठाए। X पर एक पोस्ट में, एक्टर ने तर्क दिया कि राजनीतिक पार्टियों को अपनी बात रखने के लिए संसद, चुनावों और अदालतों का इस्तेमाल करना चाहिए, न कि सार्वजनिक जगहों में बाधा डालनी चाहिए।

उन्होंने लिखा, “अपनी ताकत संसद और बैलेट बॉक्स में दिखाओ, सड़कों पर नहीं! और अगर उन तक पहुँचने का तरीका गलत लगता है, तो अदालत जाओ! यही लोकतांत्रिक तरीका है! सड़कों पर कब्ज़ा करना और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे और कानूनव्यवस्था मशीनरी को बंधक बनाना ही असल में ‘लोकतंत्र की हत्या’ है!”

CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतरमंतर पर विरोध प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन में कथित अनियमितताओं को लेकर आयोजित किया गया था।

मुंबई में, विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में अगस्त क्रांति मैदान में हिरासत में लिए गए लोगों में एक्टर इमरान खान भी शामिल थे।

Show your numbers in Parliament and the ballot, not the streets! And if the way to those seems unjust, show the courts! That is the democratic way! ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। Hijacking the streets and holding the public infrastructure and law and order machinery to ransom is the actual “murder of democracy”!

— Ranvir Shorey October 11, 2026