Rule Change 1st August: हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कई ऐसे बदलाव लेकर आती है, जिनका सीधा असर आम आदमी के मासिक बजट पर पड़ता है. 1 अगस्त भी इसका अपवाद नहीं है. इस महीने अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर कई बड़े इवेंट होने वाले हैं. रसोई गैस की कीमतों से लेकर भारतीय रिजर्व बैंक की ब्याज दरों तक, कई अहम फैसले आपकी वित्तीय सेहत की दिशा तय करेंगे. इसके अलावा, इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग से लेकर बैंकिंग सर्विस चार्ज में भी अहम बदलाव हो रहे हैं. अगर आप अपने पैसों का सही प्रबंधन करना चाहते हैं, तो 1 अगस्त से लागू हो रहे इन बड़े बदलावों को बारीकी से समझना बेहद जरूरी है.

सस्ता होगा गैस सिलेंडर या बढ़ेगी महंगाई?

देश की तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं. हाल ही में अमेरिकाईरान तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहराया था, जिससे गैस की कीमतों पर दबाव बना हुआ था. लेकिन अब चूंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात थोड़े सामान्य हो रहे हैं, ऐसे में आम ग्राहकों को पूरी उम्मीद है कि 1 अगस्त से घरेलू तथा कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में कुछ कटौती हो सकती है. इससे सीधे तौर पर रसोई का खर्च कम होगा.

लोन की EMI घटेगी या बढ़ेगा बोझ?

इस महीने आम आदमी से लेकर कॉरपोरेट जगत की सबसे बड़ी नजर रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर रहने वाली है. यह अहम बैठक 3 से 5 अगस्त के बीच होगी और 5 अगस्त को खुद आरबीआई गवर्नर इसके फैसलों का ऐलान करेंगे. इस बैठक में तय होगा कि रेपो रेट में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं. रेपो रेट का सीधा असर आपके होम लोन, कार लोन तथा पर्सनल लोन की ईएमआई पर पड़ता है. साथ ही, फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज की दरें भी इसी बैठक के फैसलों पर निर्भर करेंगी.

शेयर बाजार के निवेशकों के लिए अलर्ट

नौकरीपेशा लोगों के लिए ITR फाइल करने की समयसीमा 31 जुलाई को खत्म हो चुकी है. अब देरी करने पर सालाना आय के हिसाब से 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा. वहीं छोटे कारोबारियों, फ्रीलांसर्स तथा सेल्फएम्प्लॉयड प्रोफेशनल्स के लिए रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त है. अगर वे इस समयसीमा से चूकते हैं, तो उन्हें धारा 234F के तहत लेट फीस तथा बकाया टैक्स पर भारी ब्याज चुकाना पड़ेगा.

शेयर बाजार की बात करें तो 1 अगस्त से बाजार नियामक सेबी स्टॉक एक्सचेंज के जरिए ओपन मार्केट शेयर बायबैक का रास्ता फिर से खोल रहा है. इसकी अधिकतम सीमा कंपनी की पेडअप कैपिटल तथा फ्री रिजर्व के 15 फीसदी तक तय की गई है. इसके अलावा 12 अगस्त को MSCI ग्लोबल इंडेक्स की तिमाही समीक्षा भी होनी है, जिसका असर भारतीय शेयरों पर विदेशी निवेशकों के नजरिए पर पड़ेगा.

बैंकिंग सर्विस चार्ज में बदलाव से लेकर सख्त GST नियम

इस महीने से बैंकों के सर्विस चार्ज भी महंगे हो सकते हैं. उदाहरण के तौर पर, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने ग्राहकों को भेजे जाने वाले SMS अलर्ट के लिए 30 पैसे प्रति एसएमएस चार्ज लगाने का ऐलान किया है. इसलिए ग्राहकों को अपने बैंकों के डेबिट कार्ड फीस समेत अन्य शुल्कों की जानकारी पहले ही ले लेनी चाहिए. कारोबारियों के लिए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क 1 अगस्त 2026 से ईवे बिल के नियमों को सख्त कर रहा है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। अब सिस्टम के जरिए होने वाले ‘बिलटू/शिपटू’ ट्रांजैक्शन में ‘शिपटू’ वाले हिस्से का GSTIN देना अनिवार्य होगा. सबसे अहम बात यह है कि एक बार चालान जनरेट होने के बाद इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा.