उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज में ट्रिपल मर्डर की वारदात कोई अचानक आवेश में आकर अंजाम नहीं दी गई. बल्कि इस वारदात की नींव तो 10 साल पहले ही रख दी गई थी. दोनों परिवारों के बीच कई बार आमने सामने का टकराव भी हुआ. मामले में पुलिस ने दखल तो दिया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. तब से शुक्ला और तिवारी परिवार के बीच की रंजिश धीरेधीरे सुलगती रही. जिसका परिणाम इस ट्रिपल मर्डर के रूप में सामने आया है.

जानकारी के मुताबिक जिला मुख्यालय से करीब साढ़े 8 किमी दूर सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता में रहने वाले आरएसएस कार्यकर्ता शिवाजी तिवारी और ऋषभ शुक्ला आपस में पड़ोसी हैं. इनके घर के पास ही एक बरगद का पेड़ है. शिवाजी शुक्ला इस पेड़ के नीचे चबूतरा बनवाना चाह रहे थे. जब कि ऋषभ शुक्ला का परिवार इसका विरोध कर रहा था. इसी चबूतरे की वजह से दोनों परिवारों में रंजिश चल रही थी.

पुलिस पर अनदेखी का आरोप

स्थानीय लोगों के मुताबिक एक बार शुरू हुआ विवाद बीचबीच में कई बार गरमाया. दोनों पक्षों में मारपीट हुई. हर बार पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन विवाद का समाधान कराने के बजाय पुलिस ने जबरन समझौता करा दिया. इसकी वजह से इनके बीच झगड़ा भी अंदर ही अंदर फलताफुलता रहा. इसी बीच सोमवार को उसी पेड़ के नीचे गाड़ी खड़ा करने को लेकर एक बार फिर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए.

जो भी सामने आया, मार दी गोली

इस विवाद में दोनों पक्षों में कहासुनी हो रही थी. देखते ही देखते विवाद काफी बढ़ गया. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। ऐसे में ऋषभ दौड़कर घर में गया और पिस्टल लेकर आ गया. इसके बाद तो जो भी सामने आया, उसे भूनता चला गया. देखते ही देखते हुए शिवाजी तिवारी, उनके बेटे और भाई की लाशें बिछा दीं. पुलिस के मुताबिक आरोपी मर्चेंट नेवी में है. उसे अरेस्ट कर लिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

RSS के सह जिला कार्यवाहक रहे थे शिवाजी

संघ कार्यकर्ता सनी साहू के मुताबिक शिवाजी तिवारी संघ के तेज तर्रार प्रचारकों में से एक रहे हैं. वह पूर्व में सह जिला कार्यवाहक भी रहे हैं. सनी साहू के मुताबिक बिजली निगम से रिटायर शिवाजी तिवारी की गिनती लखनऊ के अच्छे प्रचारकों में होती रही है. वह लंबे समय से संघ में समय दे रहे थे. आम तौर पर शांत स्वभाव के थे और विवादों से दूर रहते थे. इस घटना के बाद संघ परिवार में शोक की लहर है.

5 दिसंबर को थी बेटे की शादी

सनी साहू के मुताबिक इसी 5 दिसंबर को शिवाजी तिवारी के बेटे सुयश की शादी होने वाली थी. इसके लिए घर में तैयारियां चल रही थी. जान पहचान वालों और रिश्तेदारों को कार्ड बांटे जा रहे थे. उनके कारोबारी बेटे की बिजली उपकरणों की अपनी दुकान है. डीसीपी वेस्ट जितेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया है. पूरे मामले की जांच कराई जा रही है.