पुणे, अगस्त 2026: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक और वाई4डी फाउंडेशन की साझेदारी से शुरू किए गए ‘स्किल टू एम्प्लॉयबिलिटी’ प्रोजेक्ट के तहत 100 युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स की ट्रेनिंग दी गई है। इनमें से 86 युवाओं को नौकरी भी मिल चुकी है। यह पहल बैंक की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत आजीविका से जुड़ी पहल के रूप में शुरू की गई है।

प्रोजेक्ट का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को इंडस्ट्री में काम आने वाली जरूरी स्किल्स सिखाकर उन्हें रोजगार के बेहतर और स्थायी अवसरों से जोड़ना है। इसके तहत युवाओं को जरूरी तकनीकी जानकारी के साथ नौकरी पाने के लिए आवश्यक तैयारी कराई जा रही है, ताकि वे रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें और कमाई का स्थायी जरिया बना सकें।

प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं की मेहनत और उपलब्धि को सम्मान देने के लिए लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर मार्टिन पम्पिल्ली एस. ने कहा, “स्किल टू एम्प्लॉयबिलिटी प्रोजेक्ट हमारे इस भरोसे को उजागर करता है कि सही स्किल्स मिलने से युवाओं के लिए कमाई के बेहतर और स्थायी रास्ते खुल सकते हैं। इनमें से कई युवा ऐसे परिवारों से आते हैं, जहाँ वे पहली बार नियमित नौकरी करने जा रहे हैं। उनके लिए यह ट्रेनिंग सिर्फ एक सर्टिफिकेट नहीं है, बल्कि सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का रास्ता है। हम इस पहल का फायदा और ज्यादा युवाओं तक पहुँचाने और भोर व शिरवल के युवाओं को अपना बेहतर करियर बनाने में मदद करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।”

यह ट्रेनिंग भोर स्किलिंग सेंटर में दी जा रही है। दो महीने के इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में युवाओं को पीसीबी असेंबली ऑपरेटर और ऑटोमोटिव असेंबली ऑपरेटर के तौर पर काम करने के लिए जरूरी स्किल्स सिखाई गईं। ट्रेनिंग में एनएसडीसी से सर्टिफाइड टेक्निकल ट्रेनिंग के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, नौकरी के लिए जरूरी तैयारी और सॉफ्ट स्किल्स भी शामिल हैं।

ट्रेनिंग पूरी करने के बाद युवाओं को भोर और शिरवल के इंडस्ट्रियल एरिया की कंपनियों में नौकरी के अवसर दिए गए। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इस प्रक्रिया से उन्हें संबंधित क्षेत्रों में काम करने के लिए जरूरी जानकारी और आत्मविश्वास हासिल करने में मदद मिली।

इस पहल के ज्यादातर लाभार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। इनमें से कई युवा अपने परिवार में पहली बार नियमित नौकरी कर रहे हैं। ऐसे युवाओं के लिए यह पहल अनियमित और अस्थायी काम पर निर्भरता कम करने तथा परिवार की आमदनी को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। अब तक 100 युवाओं को प्रशिक्षण और 86 को रोजगार मिलना इस प्रोजेक्ट के तहत रोजगार से जोड़ने की दिशा में हुई प्रगति को दर्शाता है।