मॉरिशस और भारत के बीच एक बड़ी फ्यूल डील हुई है. इस डील के बारे में मॉरीशस सरकार ने गुरुवार को बताया कि भारत ने मॉरीशस के साथ पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल की सप्लाई के लिए एक लंबे समय का समझौता किया है. इससे पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से पैदा हुई रुकावटों के बीच इस द्वीपीय देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। ये समझौते केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी की मॉरीशस यात्रा के दौरान किए गए. इनमें तेल और गैस के क्षेत्र में सहयोग के लिए सरकारसेसरकार के बीच MoU और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के साथ खरीदबिक्री का समझौता शामिल है. दोनों पक्षों ने इसमें शामिल मात्रा या अन्य कमर्शियल और फाइनेंशियल शर्तों का खुलासा नहीं किया है.

इस डील में क्या क्या है शामिल?
इस खरीदबिक्री समझौते में पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल जैसे रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट शामिल हैं. पुरी ने कहा कि मॉरिशस दक्षिण एशिया के बाहर का पहला देश है जिसने किसी भारतीय सरकारी तेल कंपनी के साथ ऐसा समझौता किया है. यह व्यवस्था इस साल की शुरुआत में हुई बातचीत पर आधारित है.
अप्रैल में मॉरिशस की यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि भारत मॉरिशस की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तेल और गैस की सप्लाई के लिए सरकारसेसरकार के बीच एक समझौते को अंतिम रूप दे रहा है.
जयशंकर ने कहा कि पश्चिम एशिया के संकट ने रणनीतिक साझेदारियों, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में, उनके महत्व को अंडरलाइन किया है. होर्मुज स्ट्रेट जो ग्लोबल तेल शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है के आसपास संघर्ष और व्यवधानों ने ऊर्जा सप्लाई को प्रभावित किया है और कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है.
एनर्जी पार्टनरशिप का दायरा बढ़ा
इस बड़े MoU का मकसद तेल और गैस सेक्टर में सहयोग को और मजबूत करना है, जिससे एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी के मामलों में भारत और मॉरिशस के बीच बढ़ते जुड़ाव को और बढ़ावा मिलेगा. भारत, मॉरिशस में रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने की कोशिशों में भी शामिल है. अप्रैल में अपनी यात्रा के दौरान, जयशंकर ने बताया कि भारत की एक सरकारी कंपनी देश का पहला फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट बना रही है. दोनों देश रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में भी मिलकर काम कर रहे हैं, जिसमें हेनरिएटा में 8 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगाने जैसी पहल के साथसाथ इंटरनेशनल सोलर अलायंस और ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस के जरिए सहयोग शामिल है.
पिछले साल पीएम मोदी ने की थी यात्रा
यह एनर्जी एग्रीमेंट दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक विस्तार के माहौल में हुआ है. पिछले साल मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉरिशस यात्रा के दौरान, भारत और मॉरिशस ने अपने संबंधों को “एनहैंस्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक बढ़ाया था. तब से इस साझेदारी का दायरा समुद्री सहयोग, विकास में मदद, हेल्थकेयर, शिक्षा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों तक बढ़ा है. साथ ही, मॉरिशस को सस्टेनेबल पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए भी भारत से मदद मिल रही है.



