कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बाइक टैक्सी संचालन के मामले में अपना पक्ष रखने के लिए भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को नियुक्त किया है. यह मामला कर्नाटक हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील से जुड़ा है, जिसमें राज्य में बाइक टैक्सी के संचालन पर लगी रोक को हटा दिया गया था.

कपिल सिब्बल के हटने के बाद हुई नियुक्ति
इससे पहले इस मामले में राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश होने वाले थे, लेकिन रैपिडो द्वारा यह बताए जाने के बाद कि उन्होंने इसी मामले में उन्हें कानूनी राय दी थी, वे इस केस से हट गए थे.
केंद्र सरकार का रुख भी करेंगे स्पष्ट
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने टिप्पणी की कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता इस मामले में केंद्र सरकार की तरफ से भी पेश हो सकते हैं और केंद्र का रुख स्पष्ट कर सकते हैं. अदालत का यह सुझाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्र सरकार के पिछले सर्कुलर और दिशानिर्देश काफी हद तक बाइक टैक्सी ऑपरेटरों के पक्ष में रहे हैं.
नवंबर में होगी अगली सुनवाई
सोमवार को मेहता ने जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच के सामने वर्चुअली पेश होकर, इस मामले में अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने के लिए समय मांगा. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। बेंच ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया और निर्देश दिया कि मामले को 16 नवंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में सूचीबद्ध किया जाए.



