दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईशान किशन ने बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि साउथ जोन के गेंदबाजों के पास उनके सामने कोई जवाब नजर नहीं आया। ईस्ट जोन की कप्तानी कर रहे ईशान ने 250 रन की शानदार पारी खेली। लेकिन इस पारी का सबसे हैरान करने वाला पल तब आया, जब 250 रन पूरे करने के बाद वह अचानक मैदान से बाहर चले गए। न तो उनका विकेट गिरा था और न ही किसी बड़ी चोट की खबर थी। ऐसे में हर किसी के मन में एक ही सवाल था आखिर ईशान मैदान से बाहर क्यों गए?

301 गेंदों में 250 रन, चौकोंछक्कों की बरसात

ईशान किशन ने फाइनल में धैर्य और आक्रामकता का शानदार मेल दिखाया। उन्होंने 301 गेंदों का सामना करते हुए 250 रन बनाए। अपनी इस पारी में उन्होंने 27 चौके और 7 छक्के लगाए। ईशान ने पहले अपना दोहरा शतक पूरा किया और इसके बाद भी रनों की रफ्तार कम नहीं होने दी।

लंबी पारी के दौरान ईशान लगातार क्रीज पर डटे रहे और साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उनकी बल्लेबाजी की बदौलत ईस्ट जोन को मुकाबले में मजबूत स्थिति हासिल करने में मदद मिली। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में इतनी बड़ी पारी खेलना ईशान के लिए भी खास उपलब्धि रही।

250 रन के बाद क्यों छोड़ा मैदान?

250 रन पूरे करने के बाद ईशान किशन रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए। लंबे समय तक बल्लेबाजी करने के बाद उन्हें थकान और शारीरिक परेशानी महसूस हुई, जिसके चलते उन्होंने अपनी पारी को आगे जारी रखने के बजाय मैदान से बाहर जाने का फैसला किया।

यहां एक बात समझना जरूरी है कि रिटायर्ड हर्ट और आउट होना बिल्कुल अलग होता है। रिटायर्ड हर्ट बल्लेबाज को आउट नहीं माना जाता। अगर उसकी स्थिति ठीक हो जाए और टीम को उसकी जरूरत हो, तो वह बाद में दोबारा बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर लौट सकता है।

ईशान की पारी ने बढ़ाई टेस्ट वापसी की उम्मीद

ईशान किशन की यह पारी सिर्फ दलीप ट्रॉफी के लिहाज से ही अहम नहीं है, बल्कि उनके भारतीय टीम में वापसी के नजरिए से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लंबे समय तक क्रीज पर टिककर 250 रन बनाना बताता है कि ईशान बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं।दलीप ट्रॉफी फाइनल में उनका यह प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए भी मजबूत संदेश है। अगर ईशान इसी तरह लगातार घरेलू क्रिकेट में रन बनाते रहे, तो भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की उनकी दावेदारी को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।

 

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