Asim Munir का प्रमोशन कर फंसे शहबाज, पाकिस्तान में अब होगा तख्तापलट!

पाकिस्तान सरकार ने संसद में 27वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। इस संशोधन से सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को एक नया और बहुत ताकतवर पद मिला है। चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस यानी सीडीएफ का। इस कदम ने पाकिस्तान की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है और पाकिस्तान के जो विपक्ष के नेता हैं उन्होंने तगड़ा विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान में शुरू कर दिया है। अब सवाल यह उठता है कि ये जो विरोध प्रदर्शन हो रहा है और जिस तरह से शहबाज शरीफ आसिम मुनीर को पाकिस्तान का बादशाह बनाने पर तुले हुए हैं। 

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पाकिस्तान में प्रस्तावित 27वें संविधान संशोधन से हलचल है। इसके जरिए सेना प्रमुख को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज बनाकर तीनों सेनाओं थल, वायु और नौसेना पर सर्वोच्च नियंत्रण देने की तैयारी है। न्यायपालिका और परमाणु कमांड जैसे क्षेत्रों में भी सेना की भूमिका बढ़ाने की योजना है। विपक्षी तहरीक-ए-तहाफुज आईन-ए-पाकिस्तान (TTAP) ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है।

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पाकिस्तान के जो विपक्षी दल के नेता हैं उन्होंने इसका कड़ा विरोध जताया है। अब बात करते हैं न्यायपालिका में बदलाव की। एक नया संघीय संवैधानिक न्यायालय यानी एफसीसी बनाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की कई शक्तियां इस नए कोर्ट को दी जाएंगी। यानी सुप्रीम कोर्ट की शक्तियां ये जो नया कोर्ट बनाया जाएगा एफसीसी इसको दी जाएंगी। और चुनाव से जुड़ी अपीलें भी एफसीसी में ही जाएंगी। हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति प्रक्रिया भी बदलेगी। यानी आप ही सोचिए कि पाकिस्तान में किस तरह से उथल-पुथल मची हुई है। 
 विपक्षी दलों का गठबंधन तहरीकतफुज आईने पाकिस्तान यानी टीटीएपी इस संशोधन को तानाशाही की ओर कदम बता रहा है। इसमें पीटीआई, एमडब्ल्यूएम और पीकेएमएपी जैसी पार्टियां भी शामिल हैं। उनका आरोप है कि यह संशोधन एक व्यक्ति सिर्फ और सिर्फ आसिम मुनीर को निरंकुश शक्ति देने के लिए किया गया है और सिर्फ इसीलिए संविधान में बदलाव किए जा रहे हैं। नारा दिया गया है कि लोकतंत्र जिंदाबाद तानाशाही मुर्दाबाद यानी शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर दोनों किस तरह से मिलकर पाकिस्तान में तानाशाही कर रहे हैं उसका अंदाजा आप इस विरोध से लगा सकते हैं। 

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