
Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में फर्जी दस्तावेज के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है. झोटवाड़ा थाने में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. पति का आरोप है कि उसकी पत्नी ने खुद को विधवा बताते हुए सरकारी नौकरी हासिल की, जबकि सरकारी नौकरी के लिए आवेदन और शपथ पत्र देने से पहले ही उसने दूसरी शादी कर ली थी. पुलिस के मुताबिक, व्यक्ति की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद 19 सितंबर 2026 को FIR दर्ज की गई. पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और दस्तावेजों की जांच कर रही है.
महिला के पहले पति की हो चुकी थी मौत
FIR के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने साल 2021 में महिला से लव मैरिज की थी. दोनों की यह दूसरी शादी थी. महिला के पहले पति की मौत हो चुकी थी और पहली शादी से उसकी दो बेटियां थीं. शादी के बाद दोनों बेटियों को शिकायतकर्ता के परिवार ने स्वीकार कर लिया था. पति का कहना है कि दूसरी शादी के बाद मार्च 2022 में महिला ने एक बेटी को जन्म दिया. इसके बावजूद बाद में सरकारी नौकरी के लिए दिए गए दस्तावेजों में दूसरी शादी और तीसरी संतान से जुड़ी जानकारी छिपाई गई.
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शादी की बात छिपाने का आरोप
शिकायत में सबसे बड़ा आरोप सरकारी नौकरी से जुड़े शपथ पत्र को लेकर लगाया गया है. पति के मुताबिक, महिला ने जून 2022 में शिक्षा विभाग में एक शपथ पत्र दिया था. इसमें यह घोषणा की गई थी कि पहले पति की मौत के बाद उसने दूसरी शादी नहीं की है. पति का आरोप है कि यह शपथ पत्र गलत था, क्योंकि महिला की दूसरी शादी साल 2021 में ही हो चुकी थी. यानी शपथ पत्र देने से करीब एक साल पहले ही दोनों की शादी हो गई थी. इसके कुछ महीने बाद ही महिला ने एक बेटी को भी जन्म दिया. पति का दावा है कि इन्हीं गलत जानकारियों के आधार पर महिला ने विधवा कोटे में सरकारी नौकरी हासिल की.
2022 में थर्ड ग्रेड टीचर के पद पर हुआ चयन
FIR के अनुसार, साल 2022 में महिला का सरकारी नौकरी में चयन हुआ और उसे जयपुर में थर्ड ग्रेड टीचर के पद पर नियुक्ति मिली. पति का आरोप है कि नौकरी लगने के बाद महिला के व्यवहार में बदलाव आने लगा. आरोप है कि स्कूल की ड्यूटी खत्म होने के बाद महिला कई बार देर तक घर नहीं लौटती थी. घर आने के बाद भी वह लंबे समय तक मोबाइल पर किसी से बातचीत करती रहती थी और सोशल मीडिया पर व्यस्त रहती थी. जब पति इस बारे में पूछता था तो महिला स्कूल में काम अधिक होने या अन्य कारणों का हवाला देकर बात टाल देती थी.
स्कूल पहुंचने पर प्रिंसिपल के साथ मिली पत्नी
पति ने FIR में साल 2023 की एक घटना का भी जिक्र किया है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। उसके मुताबिक, वह किसी जरूरी काम से पत्नी के स्कूल पहुंचा था. वहां पत्नी नहीं मिली. स्कूल में पता चला कि वह प्रिंसिपल के साथ बाहर गई है. कुछ देर बाद पत्नी प्रिंसिपल के साथ स्कूल लौटी. पति का आरोप है कि पत्नी ने उसे पहचानने से भी इनकार जैसा व्यवहार किया. जब प्रिंसिपल ने उससे पूछा तो शिकायतकर्ता ने खुद को महिला का पति बताया. पति के मुताबिक, यह सुनकर प्रिंसिपल भी हैरान हो गए. शिकायतकर्ता का दावा है कि प्रिंसिपल ने उसकी पत्नी से कहा कि वह खुद को विधवा और सिंगल मदर बताती है. इसके बाद पति ने पत्नी से प्रिंसिपल के साथ नजदीकी का विरोध किया.
पति को रास्ते से हटाने की बात कहने का आरोप
शिकायत में पति ने एक गंभीर आरोप भी लगाया है. उसका कहना है कि कुछ समय पहले वह किसी काम से घर से बाहर गया था. बाद में एक जरूरी काम याद आने पर वह वापस घर लौटा. उस समय उसकी पत्नी किसी व्यक्ति से मोबाइल पर बात कर रही थी. पति का दावा है कि उसने पत्नी को फोन पर यह कहते सुना कि उसे अब पति पसंद नहीं है और उसे रास्ते से हटाना पड़ेगा. शिकायत के मुताबिक, पत्नी सामने वाले व्यक्ति से कोई व्यवस्था करने की बात कह रही थी और इसके लिए पैसे खर्च करने की बात भी कर रही थी. पति का आरोप है कि उसे अचानक घर पर देखकर पत्नी घबरा गई और फोन काट दिया. इसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ और महिला अपनी दोनों बेटियों को लेकर घर से चली गई.
फर्जी दस्तावेज से RTE का लाभ लेने का भी आरोप
पति ने पत्नी पर सरकारी नौकरी के अलावा अन्य सरकारी लाभ लेने के लिए भी गलत दस्तावेज इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. शिकायत में कहा गया है कि महिला ने अपनी बेटी का RTE के तहत निशुल्क एडमिशन करवाया. पति का दावा है कि इसके लिए भी गलत दस्तावेज लगाए गए, जबकि सरकारी नौकरी मिलने के बाद महिला की आय बढ़ गई थी. शिकायतकर्ता ने RTE के लिए निर्धारित आय सीमा का हवाला देते हुए दस्तावेजों की जांच की मांग की है.
विवाह प्रमाण पत्र की तारीख को लेकर भी सवाल
FIR में नगर निगम से जारी विवाह प्रमाण पत्र का भी जिक्र किया गया है. पति का आरोप है कि 2021 में शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए दस्तावेज तैयार किए गए थे, लेकिन बाद में नगर निगम से बने विवाह प्रमाण पत्र में शादी की तारीख अगस्त 2022 दर्ज कराई गई. पति का दावा है कि इस प्रमाण पत्र में दर्ज तारीख और महिला की तीसरी बेटी के जन्म की तारीख को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि नगर निगम, शिक्षा विभाग और स्कूल से जुड़े रिकॉर्ड में गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया.
प्रिंसिपल पर भी शिकायत दबाने का आरोप
पति का आरोप है कि जब उसे फर्जीवाड़े की जानकारी मिली तो उसने पत्नी की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज और शिकायत स्कूल की प्रिंसिपल को भी दी थी. आरोप है कि प्रिंसिपल ने शिकायत को संबंधित अधिकारियों तक नहीं भेजा और न ही विभागीय कार्रवाई शुरू करवाई. वहीं, झोटवाड़ा थाना पुलिस का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है. पति के लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है. पुलिस शिकायतकर्ता के बयान दर्ज करने के साथ दस्तावेजों की जांच करेगी. जांच में आरोप सही पाए जाने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.



