Sweden: राजा या प्रधानमंत्री, स्वीडन का असली मुखिया कौन? सबसे खुशहाल देश के दौरे पर PM मोदी​

News Just Abhi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश यात्रा के तीसरे दिन रविवार को स्वीडन पहुंच रहे हैं. यूएई, नीदरलैंड के बाद इस यात्रा में वे तीसरे देश पहुंच रहे हैं. उम्मीद की जाती है कि स्वीडन और भारत सरकार कई समझौतों पर हस्ताक्षर करने वाले हैं. स्वीडन एक संवैधानिक राजशाही है. इसका मतलब है कि देश में राजारानी भी होते हैं, और लोकतांत्रिक सरकार भी है.

Sweden: राजा या प्रधानमंत्री, स्वीडन का असली मुखिया कौन? सबसे खुशहाल देश के दौरे पर PM मोदी​
Sweden: राजा या प्रधानमंत्री, स्वीडन का असली मुखिया कौन? सबसे खुशहाल देश के दौरे पर PM मोदी​

आइए, पीएम के स्वीडन दौरे के बहाने जानते हैं कि वहां की सरकार कैसे चलती है? राजा की क्या भूमिका है और सरकार की क्या? देश का मुखिया कौन है? किसके पास क्याक्या हैं अधिकार?

स्वीडन का मुखिया कौन है?

स्वीडन के राष्ट्राध्यक्ष राजा होते हैं. वर्तमान में इस देश के राजा कार्ल सोलहवें गुस्ताफ हैं. स्वीडन की सरकार का प्रमुख प्रधानमंत्री होता है. प्रधानमंत्री और सरकार देश का रोज़मर्रा का प्रशासन चलाते हैं. वर्तमान पीएम उल्फ क्रिटर्सन हैं. मतलब यह हुआ कि राजा राष्ट्र का प्रतीकात्मक मुखिया है और पीएम के हाथ में वास्तविक सत्ता है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। पीएम में ही कार्यकारी शक्तियां निहित हैं.

स्वीडन के राजा कार्ल सोलहवें गुस्ताफ.

स्वीडन में लोकतंत्र का आधार क्या है?

स्वीडन में सत्ता का मुख्य स्रोत जनता है. जनता चुनाव के जरिए संसद चुनती है. स्वीडन की संसद को रिक्सडाग कहा जाता है. इसमें 349 सदस्य होते हैं. यही संसद कानून बनाती है. यही सरकार पर निगरानी रखती है. यह लगभग भारत जैसी व्यवस्था है. जहां राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख और प्रधानमंत्री के पास कार्यकारी शक्तियाँ हैं.

तीन बड़े हिस्से में बंटा है स्वीडन का सिस्टम

  1. संसद: संसद कानून बनाती है. बजट पास करती है. सरकार से सवाल पूछती है. जरूरत पड़े तो सरकार को हटाने का रास्ता भी इसी संसद से निकलता है. जरूरत पड़ने पर सरकार के खिलाफ अविश्वास जैसे कदम इसी संसद में उठाये जाते हैं.
  2. सरकार: प्रधानमंत्री और मंत्री मिलकर सरकार बनाते हैं. यही लोग सरकारी नीतियां बनाते और लागू करते हैं. देश का प्रशासन पीएम के नेतृत्व में ही चलता है.
  3. राजशाही: राजारानी और शाही परिवार राष्ट्रीय एकता और परंपरा का प्रतीक हैं. राजा औपचारिक समारोह में शामिल होते हैं लेकिन वास्तविक राजनीतिक फैसले में इनकी कोई भी भूमिका नहीं है.

स्वीडन की संसद जिसे रिक्सडाग कहते हैं.

राजा के अधिकार क्या होते हैं?

स्वीडन में राजा के अधिकार सीमित हैं. राजा आम तौर पर राजनीति में दखल नहीं देते. देश का प्रतिनिधित्व करते हैं. राष्ट्रीय समारोहों में भाग लेते हैं. विदेशी मेहमानों का स्वागत करते हैं. विदेश यात्राओं में स्वीडन का प्रतिनिधित्व करते हैं. लेकिन कानून बनाने में राजा की कोई भूमिका नहीं है. सरकार के कामकाज में राजा दखल नहीं देते. राजा किसी भी दल की राजनीति नहीं करते. नीतिगत फैसले नहीं ले सकते. राजा संसद के काम में हस्तक्षेप नहीं कर सकते. स्वीडन का मॉडल एकदम स्पष्ट है. राजा सम्मानित हैं, लेकिन शक्ति लोकतांत्रिक संस्थाओं के पास है.

प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन.

प्रधानमंत्री और सरकार के पास कौन से अधिकार?

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार के पास वास्तविक कार्यकारी शक्ति समाहित है. देश की नीतियां बनाना और लागू करना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार जैसे विषयों पर निर्णय लेना भी पीएम का काम है. बजट बनाना और संसद में रखना, सरकारी एजेंसियों के काम को दिशा देना और अंतरराष्ट्रीय मामलों में देश का नेतृत्व करना भी पीएम और उनकी कैबिनेट के जिम्मे है. मंत्रियों की टीम बनाना, सरकार की प्राथमिकताएं तय करना, संसद में समर्थन बनाए रखना और किसी भी संकट की स्थिति में देश का नेतृत्व करना भी पीएम की जिम्मेदारी है.

संसद की ताकत क्या है?

स्वीडन में संसद बहुत महत्वपूर्ण है. लोकतंत्र की धुरी यही है. नए कानून बनाना और बदलना, सरकार की ओर से पेश बजट को मंजूरी देना, सरकार से जवाबदेही मांगना और कई नीतियों पर बहस और निर्णय करना संसद की जिम्मेदारी है. स्वीडन में कागज़ पर नहीं, वास्तव में भी सरकार को संसद के सामने जवाब देना पड़ता है.

स्वीडन में राजा और सरकार के रोल अलगअलग हैं,

राजा और सरकार साथसाथ कैसे काम करते हैं?

स्वीडन में राजा और सरकार के रोल अलगअलग हैं, इसलिए दोनों टकराते नहीं. क्योंकि नियम स्पष्ट हैं.

  1. राजा का रोल: सम्मान और प्रतिनिधित्व से जुड़ा है. राजा राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है. राजनीतिक विवाद से दूरी बनाकर रखते हैं. देश की छवि को स्थिर और गरिमामय रखना राजा की जिम्मेदारी है.
  2. सरकार का रोल: जनता के हित में निर्णय लेना, संसद के प्रति जवाबदेह रहना और देश चलाने की पूरी जिम्मेदारी सरकार के पास है.इस तरह स्वीडन में राजशाही परंपरा देती है. लोकतंत्र दिशा और निर्णय देता है.

स्वीडन में कानून कैसे बनता है?

किसी मुद्दे पर सरकार संसद में प्रस्ताव लेकर आती है. चर्चा होती है. जरूरत पड़ने पर समितियां जांच करती हैं. संसद वोट करती है. फिर कहीं जाकर कानून लागू हो पाता है. यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक है. राजा इसका संचालन नहीं करते.

क्या राजा संविधान के ऊपर हैं?

इस सवाल का स्पष्ट जवाब हैनहीं. संवैधानिक राजशाही में राजा भी नियमों के दायरे में रहते हैं. स्वीडन में राजनीतिक शक्ति का केंद्र संविधान, संसद और लोकतांत्रिक व्यवस्था है. राजा नहीं.

स्वीडन की राजशाही का उत्तराधिकार कैसे चलता है?

स्वीडन में शाही पद वंशानुगत है यानी यह परिवार में आगे बढ़ता है. आम तौर पर अगला राजारानी वही बनता है जो उत्तराधिकार के नियमों के अनुसार अगली पीढ़ी में तय होता है. लेकिन यह बदलाव भी कानूनी ढांचे के भीतर होता है.

स्वीडन मॉडल से क्या समझ आता है?

स्वीडन का सिस्टम यह दिखाता है कि परंपरा और आधुनिकता साथ चल सकती है. राजशाही को शक्ति की जगह सेवा और प्रतीक की भूमिका दी जा सकती है. लोकतंत्र मजबूत हो तो शासन पारदर्शी और जवाबदेह बनता है.

सरल शब्दों में कहा जाए तो स्वीडन में राजा राष्ट्र का मुखिया हैं, लेकिन सरकार देश चलाती है. राजा का काम है प्रतिनिधित्व और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बने रहना. प्रधानमंत्री और मंत्रियों का काम है नीतियां बनाना, निर्णय लेना और प्रशासन चलाना. संसद कानून बनाती है और सरकार से जवाब मांगती है. इसी संतुलन के कारण स्वीडन में राजशाही भी है और लोकतंत्र भी. दोनों अपनेअपने दायरे में रहकर देश को स्थिरता देते हैं.

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