
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र में गन्ने के खेत से बरामद महिला की लाश के मामले में स्थानीय पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और हैरान कर देने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि 25 वर्षीय मृतका शीबा की हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उसके पति सादिक ने अपने ही परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर अंजाम दी थी। इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति की पहली पत्नी आसिया, मां वसीला और भाई शादाब को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल की गई बलेनो कार को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी सादिक और उसका एक अन्य भाई आबिद फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
इस खौफनाक वारदात के पीछे की कहानी घरेलू कलह और पितृसत्तात्मक मानसिकता से जुड़ी है। पुलिस जांच में सामने आया कि मोहम्मदपुर लाला निवासी सादिक की पहली पत्नी आसिया से पांच बेटियां थीं, परंतु उसे एक बेटे की तीव्र लालसा थी। बेटे की इसी चाहत में उसने शीबा को अपने प्रेमजाल में फंसाया और कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद शीबा ने एक बेटे को जन्म दिया, जो अभी केवल 18 महीने का है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। बेटे के जन्म के बाद पहली पत्नी आसिया बच्चे को अपने पास रखना चाहती थी और शीबा को रास्ते से हटाने का दबाव बनाने लगी। इसे लेकर घर में रोजाना झगड़ा होने लगा। 19 अगस्त की शाम को शीबा ने अपने भाई जुनैद को फोन कर रोते हुए बताया था कि सादिक, उसकी पहली पत्नी आसिया, मां वसीला और देवर आबिद उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जा रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसके तुरंत बाद शीबा का मोबाइल बंद हो गया।
आरोपियों ने शीबा को देहरादून घुमाने का झांसा देकर कार में बैठाया था और रास्ते में ही सादिक ने उसका गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पहचान छिपाने के लिए चेहरे को पत्थरों व ईंटों से कुचला गया और शव को गन्ने के खेत में फेंककर सभी फरार हो गए। पुलिस ने भाई जुनैद की लिखित तहरीर के आधार पर आरोपी सादिक, उसकी पहली पत्नी आसिया, मां वसीला, भाई आबिद और शादाब के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या), 238(ख) (साक्ष्य मिटाना) और 61(1)(क) (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष कुमार ने बताया कि तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।



