सल्फास के सुझाव के लिए थैंक्यू’, पति ने कर लिया कांड, बीवी ने…!


पटना। Dear Wife पूजा, अब कहने के लिए मेरे पास कुछ भी नहीं बचा है। सल्फास का सुझाव देने के लिए धन्यवाद (Thank you for recommending Sulphas)। मैं वैवाहिक विवाद के मामले में हो रहे कानूनी उत्पीड़न से तंग आ चुका हूं। इसलिए अपना जीवन समाप्त कर रहा हूं।

मोतिहारी के सौरभ ने 2 फरवरी को सल्फास खाकर मुंबई में आत्महत्या कर ली थी। मौके से सौरभ का एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने मां-पिता, पत्नी और अंकल के नाम का भी जिक्र किया है। सौरभ ने सुसाइड नोट में अपने परिवार से माफी मांगी है। यह घटना नवी मुंबई के न्यू पनवेल सेक्टर-7 स्थित कॉसमॉस को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी की है।

पहले जानें मुंबई में कब-कैसे और क्या हुआ था

सौरभ मिश्रा मोतिहारी जिले के सुगौली के रहने वाले थे। वे मुंबई की एक निजी कंपनी में काम करते थे और अपने माता-पिता के साथ पनवेल में रह रहे थे। 2 फरवरी को माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे और सौरभ अकेले थे।

इसी दौरान उन्होंने कीटनाशक (सल्फास) खाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह करीब 10 बजे जब माता-पिता घर लौटे तो उन्होंने सौरभ को बेहोशी की हालत में पाया। घबराहट में परिजन तुरंत उन्हें पनवेल उप-जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने सौरभ को मृत घोषित कर दिया।

सौरभ ने मरने से पहले से एक दिन पहले यानी 1 फरवरी को सुसाइड नोट लिखा था।
अब पूरा सुसाइड नोट पढ़िए….

मम्मी-पापा अपना ध्यान रखिएगा

“प्रिय मम्मी-पापा, मैं जो कदम उठा रहा हूं, उसके लिए मुझे माफ कर दीजिए। शायद आप दोनों ने कभी कोई गलती नहीं की, लेकिन मैं कमजोर पड़ गया। इस उम्र में मुझे आप लोगों की सारी टेंशन दूर कर देनी चाहिए थी।

मेरी वजह से आप दोनों बिना किसी गलती के इतनी परेशानी झेल रहे हैं। मुझसे यह अन्याय सहा नहीं जा रहा है। प्लीज अपना ख्याल रखिए और जल्दी सामान्य हो जाइएगा।

मैं चाहता हूं कि आप लोग पूरी दुनिया घूमें। मजबूत बने रहिए।

बेटी नैना हमेशा खुश रहना

“प्रिय बेटी नैना (3), कोई कुछ भी कहे, मैंने तुमसे हमेशा प्यार किया है और हमेशा करता रहूंगा। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। खुश रहो। वहीं अपने भाई के लिए सौरभ ने लिखा कि, प्रिय ऋषभ, माफ करना, मैं एक अच्छा भाई नहीं बन पाया। मजबूत रहना और मम्मी-पापा का ख्याल रखना। तुम्हारे साथ हमेशा अच्छा हो।”

न्याय के सामने इंसान बस आंकड़ा भर है

“प्रिय छोटे अंकल, कृपया दुखी मत होना। आपके नहीं चाहते हुए भी मैंने आपको टेंशन दे दिया था। न्याय के सामने एक इंसान महज एक आंकड़ा बनकर रह जाता है, जिसकी कोई अहमियत नहीं होती। हां, मैं वैवाहिक विवाद के मामले में कानूनी उत्पीड़न के कारण अपना जीवन खत्म कर रहा हूं।

अपने अंतिम बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) के रूप में मैं यह प्रस्तुत करता हूं कि मैं पूरी तरह निर्दोष हूं और मैंने कभी भी दहेज की कोई मांग नहीं की है। न ही अपनी पत्नी या किसी और के साथ हिंसक व्यवहार किया।”

शादी के 2 महीने बाद ही पति-पत्नी में विवाद शुरू हो गया था

सौरभ मिश्रा की शादी 2022 में हुई थी। शादी के बाद पति-पत्नी हनीमून पर गोवा भी गए थे। हालांकि, शादी के महज दो महीने के भीतर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। करीब चार महीने बाद दोनों अलग हो गए, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया।

इसके बाद से ही सौरभ लगातार मानसिक तनाव, अवसाद और कानूनी प्रक्रिया से गुजर रहे थे। परिजनों का कहना है कि सौरभ खुद को निर्दोष मानते थे, लेकिन लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई ने उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था।

स्पॉट पंचनामा में बरामद हुआ कीटनाशक और सुसाइड नोट

घटना की सूचना मिलते ही खांडेश्वर पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और स्पॉट पंचनामा किया। जांच के दौरान घर से एक कीटनाशक की बोतल और एक लिखित सुसाइड नोट बरामद किया गया। पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर ली है।

खांडेश्वर पुलिस स्टेशन की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक स्मिता ढाकणे ने बताया कि सुसाइड नोट और जब्त किए गए कीटनाशक को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। हर पहलू से जांच की जा रही है। आत्महत्या के पीछे के कारणों को भी पता किया जा रहा है।

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