शख्सˈ ने रोक ली छींक, हुआ ऐसा खौफनाक अंजाम, करीब से दिख गई मौत!ˌ

हम रोजमर्रा की जिंदगी में छोटी-छोटी चीजों को हल्के में ले लेते हैं. छींक आ रही हो और आसपास लोग हों, तो हम नाक दबाकर या मुंह बंद करके उसे रोक लेते हैं. सोचते हैं, क्या बिगड़ जाएगा? लेकिन एक ब्रिटिश शख्स की हालिया घटना ने साबित कर दिया कि एक छींक रोकना भी जानलेवा साबित हो सकता है.

ड्राइविंग के दौरान छींक रोकते ही उसके गले में छेद हो गया, हवा फेफड़ों में भर गई और मौत का साया मंडरा गया. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। यह दुनिया का पहला ऐसा दर्ज केस है, जो BMJ Case Reports जर्नल में पब्लिश हुआ. आइए जानते हैं इस खौफनाक हादसे की पूरी डिटेल्स, साइंस और डॉक्टर्स इसे लेकर क्या चेतावनी देते हैं?

मौत को देखकर लौटा शख्स
यह घटना 2023 में यूके के एक 30 साल के हेल्दी शख्स के साथ घटी थी. वह कार चला रहा था, जब एलर्जी से उसे छींक आने लगी. शर्मिंदगी या डर से उसने नाक चुटकी से दबाई और मुंह बंद कर लिया. इससे उसकी छींक तो रुक गई लेकिन तुरंत ही उसके गले में तेज दर्द होने लगा. ऐसा लगा जैसे अंदर कुछ फट गया हो. उसका सांस लेना मुश्किल हो गया, गर्दन सूज गई. हॉस्पिटल पहुंचा तो CT स्कैन से पता चला- उसकी ट्रेकिया (हवा की नली) में 2×2 मिलीमीटर का छेद हो गया है. हवा छाती और फेफड़ों के बीच भर गई (प्न्यूमोमीडियास्टाइनम), जो जानलेवा हो सकता था.

सामने आया पहला मामला
डॉ. रासाद्स मिसिरोव्स, जो लीड ऑथर हैं, ने कहा, “यह सरप्राइजिंग था. हमें कभी ऐसा केस नहीं मिला था.” डॉक्टर्स ने बताया कि छींक रोकने से ऊपरी सांस की नली में प्रेशर सामान्य से 5 से 24 गुना बढ़ जाता है. BMJ रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रेशर ट्रेकिया को फाड़ सकता है. इस केस में प्रेशर 20 गुना ज्यादा हो गया, जिससे छोटा सा छेद बन गया था. अगर बड़ा होता, तो इन्फेक्शन, ब्लीडिंग या सांस रुकने से मौत हो सकती थी. मरीज को पेनकिलर दिए गए, 48 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखा गया. सौभाग्य से 5 हफ्तों में छेद खुद भर गया. लेकिन डॉक्टर्स ने इसके बाद चेतावनी दी कि नाक दबाकर मुंह बंद करके छींक कभी ना रोकें. यह ट्रेकियल पर्फोरेशन का कारण बन सकता है.

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