
मध्य प्रदेश के ग्वालियर से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित तौर पर एक महिला और उसके तीन साथियों ने बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि छात्रा का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने साथ हुई छेड़छाड़ का विरोध किया था।
गंभीर हालत में, पैर में प्लास्टर और शरीर पर चोटों के साथ पीड़िता अपने परिजनों के साथ एसपी ऑफिस पहुंची और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई।
दुकान पर शुरू हुआ विवाद, घर तक पहुंचा जुल्म
पीड़िता के परिजनों के अनुसार, मुरार थाना क्षेत्र की रहने वाली छात्रा रोजमर्रा का सामान खरीदने पास की दुकान पर गई थी। वहां दुकान संचालिका और उसके साथ मौजूद कुछ लोगों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस घटना से आहत छात्रा ने घर आकर अपनी बड़ी बहन को पूरी बात बताई।
जब बड़ी बहन ने इस हरकत का विरोध किया तो आरोपी भड़क गए और दोनों बहनों को धमकियां देने लगे।
स्कूल से लौटते वक्त किया जानलेवा हमला
दो दिन बाद जब छात्रा स्कूल से घर लौट रही थी, तभी आरोप है कि महिला और उसके तीन साथी—जीतू, संतोष और राहुल—ने मिलकर उस पर हमला कर दिया। उसे डंडों से पीटा गया और जमीन पर पटककर बेरहमी से मारपीट की गई।
इस हमले में छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई।
गंभीर चोटें, पैर की हड्डी टूटी
परिजन घायल छात्रा को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच में उसके पैर की हड्डी टूटने और हाथों में भी फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई। बच्ची सदमे में है और लगातार दर्द से जूझ रही है।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उसके साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया।
धमकियों से डरा हुआ है परिवार
पीड़िता की बहन का कहना है कि इलाज के दौरान भी आरोपी अस्पताल तक पहुंच गए और शिकायत वापस लेने की धमकी देकर चले गए। परिवार का आरोप है कि हमलावर प्रभावशाली लोगों के करीबी बताए जा रहे हैं, इसी वजह से पुलिस कार्रवाई में ढिलाई हो रही है।
SP से लगाई न्याय की गुहार
डरे-सहमे परिजन बच्ची को लेकर एसपी की जनसुनवाई में पहुंचे और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ा संदेश जाना चाहिए ताकि दोबारा कोई ऐसी हिम्मत न कर सके।
पुलिस ने दिया जांच का भरोसा
एएसपी निरंजन शर्मा ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुरार थाना प्रभारी को भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं।