भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस युवा खिलाड़ी की हो रही है, वह बिहार के समस्तीपुर के 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी हैं। आयरलैंड दौरे पर उनके अंतरराष्ट्रीय पदार्पण की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन टीम प्रबंधन ने पहले मुकाबले में उन्हें अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। अब भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भरोसा जताया है कि वैभव को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली पांच टी20 मैचों की श्रृंखला में जरूर मौका मिल सकता है।
बता दें कि वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम में जगह मिली थी। राजस्थान की टीम के लिए खेलते हुए उन्होंने पूरे सत्र में 700 से अधिक रन बनाए और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद उनका चयन राष्ट्रीय टीम में हुआ और क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद थी कि वह आयरलैंड के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करेंगे।
हालांकि पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम प्रबंधन ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की सलामी जोड़ी पर भरोसा बनाए रखा। वहीं युवा खिलाड़ियों प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे को पदार्पण का अवसर मिला, जबकि वैभव को इंतजार करना पड़ा।
सुनील गावस्कर ने कहा कि जब भारतीय टीम आयरलैंड दौरे पर रवाना हुई थी, तब उन्हें पूरा विश्वास था कि अपेक्षाकृत आसान मानी जाने वाली इस श्रृंखला में वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया जाएगा। उनका मानना था कि ऐसे दौरे युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ढालने के लिए सबसे उपयुक्त होते हैं। यदि ऐसा होता तो वैभव इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ होने वाली चुनौती से पहले जरूरी अनुभव हासिल कर सकते थे।
गावस्कर ने यह भी कहा कि अब इंग्लैंड दौरे पर वैभव के खेलने की संभावना बनी हुई है। मौजूद जानकारी के अनुसार उनका मानना है कि आयरलैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले का परिणाम और भारतीय सलामी बल्लेबाजों का प्रदर्शन आगे की रणनीति तय करेगा। यदि शीर्ष क्रम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करता है तो इंग्लैंड के खिलाफ वैभव को सलामी बल्लेबाज के रूप में उतारा जा सकता है। ऐसे में मौजूदा सलामी बल्लेबाजों में से किसी एक को मध्यक्रम में भेजा जा सकता है।
सुनील गावस्कर ने कहा कि इतनी कम उम्र में इस तरह के रिकॉर्ड बनाना असाधारण उपलब्धि है। उनका मानना है कि यही वजह है कि क्रिकेट प्रेमी वैभव को जल्द से जल्द भारतीय टीम की जर्सी में खेलते हुए देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ी रोज पैदा नहीं होते और उनकी प्रतिभा को सही समय पर अवसर मिलना भी जरूरी होता है।
बता दें कि भारत इस समय टी20 विश्व विजेता है और टीम प्रबंधन भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की रणनीति पर भी काम कर रहा है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें आयरलैंड के दूसरे मुकाबले और उसके बाद इंग्लैंड दौरे के लिए चुनी जाने वाली अंतिम एकादश पर रहेंगी, जहां यह तय हो सकता है कि भारतीय क्रिकेट का यह उभरता सितारा कब अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली पारी खेलता है।