Crude Oil Price: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर से तेजी लौट आई है. पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में गिरावट देखने के बाद बुधवार को तेल के दाम अचानक चढ़ गए. ब्रेंट क्रूड ने एक बार फिर से 115 डॉलर प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर लिया है. बुधवार के कारोबार में ब्रेंट क्रूड 1.22 डॉलर यानी 1.07 फीसदी की बढ़त के साथ 115.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. दूसरी तरफ अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड के दाम भी पीछे नहीं रहे. इसमें 0.96 डॉलर यानी 0.96 फीसदी का उछाल आया. इस तेजी के बाद ये 100.90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर ट्रेड कर रहा है.

मंगलवार को तेल की कीमतों में करीब 2 डॉलर की राहत मिली थी. तब मिडिल ईस्ट में बातचीत की खबरों से सप्लाई रुकने का डर थोड़ा कम हुआ था. लेकिन ठीक एक दिन बाद हालात फिर से बदल गए. हालांकि कीमतों में आया ये ताजा उछाल अभी भी 126 डॉलर प्रति बैरल के उस उच्चतम स्तर से नीचे है, जो इस संकट की शुरुआत में दर्ज किया गया था.
सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरी पर हमले का दावा
कीमतों में आई इस उछाल की सबसे बड़ी वजह यमन के हूती विद्रोही हैं. रॉयटर्स की एक खबर के मुताबिक, ईरान समर्थित हूती गुट ने मंगलवार को दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी रास तानूरा को मिसाइल से निशाना बनाया है. जिस रिफाइनरी पर हमले का दावा किया गया है, उसकी रोजाना की प्रोसेसिंग क्षमता 5,50,000 बैरल की है.
हूती गुट के इस दावे ने सऊदी अरब के खिलाफ उनके हमलों के और तेज होने का संकेत दिया है. ईरान के साथ चल रहे मौजूदा टकराव के बीच इस खबर ने मिडिल ईस्ट से होने वाली तेल सप्लाई पर फिर से संकट के बादल खड़े कर दिए हैं. हालांकि सऊदी अरब के अधिकारियों ने तुरंत इस हमले की कोई पुष्टि नहीं की है. फिर भी बाजार में सप्लाई बाधित होने का डर वापस लौट आया है.
OPEC+ प्रोडक्शन टारगेट में बदलाव की उम्मीद कम
तेल उत्पादन के मोर्चे पर भी इस हफ्ते हलचल तेज है. खबरें हैं कि रविवार को ओपेक प्लस देशों की अहम बैठक होने वाली है. इस बैठक में दिसंबर महीने के लिए तेल उत्पादन के मौजूदा लक्ष्यों को जस का तस बनाए रखने की उम्मीद है. ये संभावित फैसला पूरी तरह से बाजार के अनुमानों के मुताबिक ही है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। खास बात ये है कि ओपेक प्लस समूह के सात मुख्य देशों में कच्चे तेल का उत्पादन पहले से ही उनके तय टारगेट से कम चल रहा है. इन सात देशों में सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, अल्जीरिया, कजाकिस्तान के अलावा ओमान शामिल हैं.



