
Imran Khan: इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम खान ने अपने पिता इमरान खान की सेहत और जेल की स्थितियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उनका कहना है कि पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान और प्रधानमंत्री को लंबे समय तक अकेले रखा जा रहा है और उन्हें सही मेडिकल सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और स्काई स्पोर्ट्स के कमेंटेटर माइकल एथरटन से बात करते हुए दोनों भाइयों ने कहा कि उन्हें अपने पिता की सेहत की चिंता है और उन्होंने जेल में इमरान के साथ हो रहे बर्ताव पर सवाल उठाए. यह इंटरव्यू गुरुवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच दूसरे टेस्ट मैच के लंच ब्रेक के दौरान दिखाया गया था.
कासिम और सुलेमान ने अपने पिता की बिगड़ती हालत के बारे में विस्तार से बात की, जो लगभग तीन साल से पाकिस्तान की जेल में बंद हैं. कासिम ने दावा किया कि इमरान की एक आंख की लगभग 80 प्रतिशत रोशनी चली गई है और कहा कि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान को हाल ही में आंखों पर पट्टी (आई पैच) लगाए देखा गया था. दोनों भाइयों ने यह भी आरोप लगाया कि इमरान दिन में 23 घंटे से ज़्यादा समय एक छोटी सी कोठरी में अकेले बिताते हैं और उन्हें किताबें और बुनियादी सुविधाएं भी बहुत कम मिलती हैं. उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में कोठरी में एयर कंडीशनिंग की सुविधा भी नहीं है.
पाकिस्तान की जेलों में हालत बुरे
कासिम ने इंटरव्यू में बताया कि पाकिस्तान सरकार अब किसी रणनीति के तहत काम नहीं कर रही है. यह साफ नहीं है कि वे क्या कर रहे हैं. बस खुलेआम उन्हें वहां मारने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हें अधिक से अधिक समय तक जेल में रखना और उनकी आवाज दबाना चाहते हैं. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। पिछली बार जब वे हमारी आंटियों और किसी और से बात कर पाए थे, तो उन्होंने कहा था कि हाल ही में हालात बहुत खराब हो गए हैं. वो इसकी तुलना दूसरे राजनीतिक कैदियों से कर रहे हैं जिन्हें जेल में मार दिया गया या जिनकी मौत हो गई. अभी हालात पहले से भी बुरे हैं, उन्हें दिन में 23 घंटे से ज़्यादा समय तक एक कोठरी में पूरी तरह अकेला रखा जा रहा है.
पिता को बताया कूल इंसान
बेटों का कहना है कि बहुत ज़रूरी है कि उन्हें सही इलाज मिले. आंख की तकलीफ़ की वजह से उन्होंने आंख पर पट्टी बांध रखी थी और वे साफ़ तौर पर तनाव में लग रहे थे. हमारे लिए यह सोचना भी मुश्किल है क्योंकि जब भी मैंने उन्हें देखा है. यहां तक कि बंदूक की नोक पर भी—वे हमेशा बहुत शांत और भरोसेमंद रहे हैं. एक बार जब हम कार में थे और लूटपाट हुई, तो वे वहां मौजूद सभी लोगों में सबसे शांत थे, यहां तक कि लुटेरों से भी ज़्यादा. दोनों भाइयों ने इमरान से मिलने की अपनी कोशिशों के बारे में भी बात की. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के लिए उनके वीजा को तकनीकी कारणों का हवाला देकर रोक दिया गया था.
कुछ घंटों के लिए जेल से बाहर आए थे इमरान
सुलेमान ने कहा कि हमें थोड़ी उम्मीद थी. लेकिन हमारी आशंका तब सच साबित हुई जब उन्हें उस प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाने के बजाय जहां उन्हें ले जाया जाना था. कुछ घंटों के लिए सरकारी मेडिकल सेंटर ले जाया गया और फिर सीधे जेल वापस भेज दिया गया.
इंटरव्यू से PCB में हलचल
इस इंटरव्यू के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से जुड़ा एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जिसने इस प्रसारण को लेकर स्काई स्पोर्ट्स के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. खबरों के मुताबिक, PCB इस बात पर भी विचार कर रहा था कि अगर इंटरव्यू दिखाया जाता है तो पाकिस्तानी खिलाड़ियों से लंच के बाद मैदान पर न लौटने के लिए कहा जाए, हालांकि टीम ने बाद में खेलना जारी रखा.
कई क्रिकेटरों ने लिखा पाकिस्तान सरकार का खत
हाल ही में भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर और कपिल देव समेत पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों के एक समूह ने शहबाज़ शरीफ को पत्र लिखकर उनकी सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि इमरान को जेल में सही मेडिकल इलाज और मानवीय सुविधाएं मिलें. इस अपील को राजनीतिक बयान के बजाय मानवीय पहल के तौर पर पेश किया गया था.
इस अपील पर हस्ताक्षर करने वालों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलग-अलग दौर के कई जाने-माने पूर्व कप्तान शामिल थे. इमरान पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास की सबसे अहम हस्तियों में से एक हैं. राजनीति में आने और बाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने से पहले उन्होंने 1992 में देश को उसका पहला पुरुष वनडे वर्ल्ड कप खिताब जिताया था.



