नई दिल्ली। एशियाई खेलों में भारत की कराटे टीम से पदक की उम्मीदों के बीच कोच को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जून में एशियाई चैंपियन बनीं अलीशा चौधरी अब एशियाई खेलों में अपने निजी कोच के बिना उतरेंगी। 55 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली अलीशा ने अपने कोच विकास को साथ भेजने की मांग की थी, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो सकी।

कोच की जगह टीम लीडर जाएगा
रिपोर्ट के मुताबिक अलीशा चौधरी और 84 किलोग्राम वर्ग के चेतन भट्ट के साथ कोच भेजने के बजाय टीम लीडर यानी मैनेजर को भेजा जा रहा है। टीम लीडर को प्रतियोगिता के दौरान मैट पर बतौर कोच बैठने की अनुमति नहीं होगी।
पदक की बड़ी दावेदार हैं अलीशा
अलीशा ने हाल ही में एशियाई चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर खिताब जीता था। ऐसे में उनसे एशियाई खेलों में भी पदक की उम्मीद की जा रही है। ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। हालांकि, बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अपने नियमित कोच की गैरमौजूदगी उनके लिए चुनौती बन सकती है।
चयन और टीम प्रबंधन पर उठे सवाल
कोच के बजाय मैनेजर भेजे जाने के फैसले ने भारतीय कराटे टीम की तैयारियों और टीम प्रबंधन को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अलीशा की ओर से अपने कोच को साथ भेजने की मांग किए जाने के बावजूद यह बदलाव क्यों किया गया, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट में इसके पीछे लॉन्ग लिस्ट से जुड़ी प्रक्रिया का हवाला दिया गया है।
अब निगाहें एशियाई खेलों में अलीशा के प्रदर्शन पर होंगी, जहां वह बिना अपने नियमित कोच के भारत के लिए पदक जीतने की चुनौती पेश करेंगी।



